गांव भूरड़े मार्ग पर शुक्रवार की दोपहर मुहल्ले में खेलते संदिग्ध हालतों में लापता हुईं प्रवासी मजदूरों की तीन मासूम बच्चियों के शव शनिवार देर शाम को एक कार से बरामद हुए। कार पुलिस को इन प्रवासी मजदूरों के घर के नजदीक खड़ी मिली है। मौत की वजह का खुलासा नहीं हो सका है। बच्चियों के मां-बाप ने किसी से दुश्मनी न होने की बात कही है। एसपीडी का कहना है पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
तीनों मासूम बच्चियां गुरिया (5) पुत्री रवि, आशा (5) पुत्री सुरेश साहनी और स्वीटी (3) पुत्री वकील साहनी शुक्रवार की दोपहर घर के बाहर ही खेल रही थीं। शाम तक घर न आने पर परिजनों ने मुहल्ला निवासियों को साथ लेकर इन बच्चियों की तलाश की। काफी खोजबीन के बाद भी कोई सुराग नहीं लगा। शनिवार सुबह मां-बाप ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ अगवा करने का मामला दर्जकर बच्चियों की तलाश शुरू कर दी। लेकिन नजदीक खड़ी कारों की ओर किसी का ध्यान नहीं गया।
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देर शाम फिर पुलिस ने सर्च ऑपरेशन के अंतर्गत एक इंडिका कार से बदबू आने पर जब खिड़की तोड़ी तो तीनों बच्चियों से शव मिले। इसके बाद फॉरेंसिक टीम ने पहुंचकर फिंगर प्रिंट और अन्य समान को अपने कब्जे में लिया। मामले की सूचना मिलने पर एसपीडी अजिंदर सिंह भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने सारी स्थिति का जायजा लिया।
पुलिस ने तीनों बच्चियों के शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। एसपी (देहात) ने बताया पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। थाना चमकौर साहिब के प्रमुख गुरसेवक सिंह बराड़ के अनुसार हो सकता है कि बच्चियां खेलते हुए कार में घुस गई होंगी और बाद में निकलने का पता न लगने कारण अंदर ही दम तोड़ गई हों। कार मालिक के बारे में पता लगाया जा रहा है। बच्चियों के मां-बाप का कहना है कि हमारी किसी के साथ भी कोई दुश्मनी नहीं है और न ही हमें किसी पर कोई शक है।