चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी फिर एक गलती करने जा रहा है। इंजीनियरिंग के सभी स्टूडेंट्स की बजाय केवल छह सीजीपीए तक अंक पाने वालों को ही इंप्रूवमेंट का लाभ देने की योजना बनाई है। इस प्रस्ताव को 14 जुलाई को होने वाली सिंडिकेट की बैठक में पास भी कर दिया जाएगा। छात्रों ने इसे बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों के साथ गलत हो रहा है। आईआईटी से कोई विद्यार्थी एमटेक करना चाहता है तो उसके लिए 6.5 फीसदी सीजीपीए कम से कम चाहिए। ऐसे में पीयू को सात व आठ सीजीपीए पाने वालों को भी इंप्रूवमेंट का लाभ देना चाहिए। यह छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला है। इसे पीयू के अफसर हवा में न लें, गंभीरता से सोचें और दोबारा प्रस्ताव तैयार करें।
यूआईईटी में लगभग तीन हजार स्टूडेंट्स हैं। यह पीयू का सबसे बड़ा और अधिक लाभ देने वाला विभाग है। यहां से बायोटेक्नोलॉजी, आईटी, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स व कंप्यूटर साइंस की शिक्षा दी जाती है। पीयू के सभी विभागों के स्टूडेंट्स को इंप्रूवमेंट का लाभ मिलता है, लेकिन इंजीनियरिंग यानी यूआईईटी के स्टूडेंट्स को इसका लाभ नहीं मिल रहा था। इसके कारण उन्हें एमटेक से लेकर अन्य प्रतियोगी परीक्षाओ में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इस बार पीयू ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया। प्रस्ताव में शामिल किया गया है कि पांच साल के अंदर कभी भी छह सीजीपीए तक अंक पाने वाले स्टूडेंट इंप्रूवमेंट का लाभ ले सकते हैं। इसके लिए कई अन्य नियम भी बनाए हैं। जैसे ही स्टूडेंट्स को पता चला तो उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि लाभ सभी स्टूडेंट्स को मिलना चाहिए।
क्या कहते हैं स्टूडेंट्स
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पीयू ने इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए इंप्रूवमेंट की जो योजना बनाई है उसमें मानक सही नहीं रखे गए हैं। इंप्रूवमेंट का लाभ हर स्टूडेंट्स को दिया जाए, न कि छह सीजीपीए तक ही। आईआईटी आदि में 6.5 सीजीपीए अंक की आवश्यकता होती है। इसको लेकर एनएसयूआई ज्ञापन देगा।
- निखिल नरमेटा, फोर्थ ईयर, बायोटेक्नोलॉजी
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परीक्षा सुधार वही स्टूडेंट्स करवाते हैं जिनके अंक कम आते हैं, फिर इसमें छह सीजीपीए तक का ही मानक क्यों रखा गया। जिस स्टूडेंट्स ने सोचा कि उसके नौ सीजीपीए आएंगे। लेकिन सात ही आए तो वह परीक्षा सुधार का लाभ क्यों नहीं लेना चाहेगा। पीयू इस पर ध्यान दे।
-आयुष, थर्ड ईयर, मैकेनिकल इंजीनियरिंग
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हर छात्र अपना बेहतर भविष्य बनाने के लिए अंक भी अच्छे चाहता है। यदि किसी कारणवश एक या दो विषयों में कम अंक आए हैं तो उन्हें परीक्षा सुधार का लाभ मिलना चाहिए, भले ही ओवरऑल अंक उसके अधिक हों। पीयू सभी छात्रों को इंप्रूवमेंट का लाभ दे।
- भवानी पठानिया, फोर्थ ईयर, बायोटेक्नोलॉजी