-पंजाब में बिजली संकट को लेकर इंजीनियरों का विरोध जारी, मांगें न पूरी होने पर बढ़ाया आंदोलन
पटियाला। पावरकाम और ट्रांसको के इंजीनियरों की मांगें पूरी न होने पर उन्होंने अपना आंदोलन 18 दिसंबर तक बढ़ा दिया है। पीएसईबी इंजीनियर एसोसिएशन ने यह फैसला लिया है कि पंजाब के जनरेटिंग स्टेशनों पर वर्क टू रूल जारी रहेगा और दफ्तरी व्हाट्सएप ग्रुप से इंजीनियर बाहर बने रहेंगे। इसके अलावा, सभी इंजीनियर शाम 5 बजे से लेकर सुबह 9 बजे तक अपने मोबाइल फोन बंद रखेंगे।
एसोसिएशन के महासचिव इंजीनियर अजयपाल सिंह अटवाल ने स्पष्ट किया कि पावरकाम मैनेजमेंट का रवैया पूरी तरह से उदासीन है जिसके चलते यह कदम उठाना पड़ा है। उन्होंने बताया कि इंजीनियरों की प्रमुख मांगों में पावर सेक्टर की संपत्तियों की बिक्री पर तुरंत रोक लगाना, और रोपड़ में दो 800 मेगावाट के सुपरक्रिटिकल यूनिट्स की स्थापना की प्रक्रिया को फिर से शुरू करना शामिल है। अटवाल ने कहा कि यह अत्यंत चिंता की बात है कि चीफ इंजीनियर आरटीपी को बिना किसी ठोस कारण के गलत तरीके से सस्पेंड किया गया और डायरेक्टर जेनरेशन को मनमाने तरीके से हटाया गया।
सियासी दखल की भी आलोचना
इंजीनियरों ने पंजाब के बिजली क्षेत्र में बढ़ते सियासी दखल की भी आलोचना की। उन्होंने बिजली मंत्री की कार्रवाइयों की निंदा करते हुए कहा कि हाल के फैसलों ने तकनीकी ईमानदारी और प्रोफेशनल इज्ज़त को कमजोर किया है। साथ ही, पावर सेक्टर की संपत्तियों की बिक्री और अन्य फैसलों से कामकाजी प्रक्रियाओं में गंभीर रुकावटें आई हैं, जिससे ज़ीरो पावर आउटेज के निर्देश भी कमजोर पड़े हैं। इंजीनियरों का कहना है कि इस स्थिति से पंजाब में बिजली सप्लाई पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है। एसोसिएशन का कहना है कि जब तक इन समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।