-प्रदर्शनकारी धरने पर बैठे, वाहनों की लंबी कतारें
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फाजिल्का/जलालाबाद।
जलालाबाद हलके के गांव हिसान वाला निवासी 28 वर्षीय लखविंदर सिंह की सड़क हादसे में हुई मौत के बाद उनके परिवार और गांववासियों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। परिवार का आरोप है कि पुलिस प्रशासन द्वारा असल आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते उन्होंने इंसाफ की मांग को लेकर फाजिल्का-फिरोजपुर मुख्य मार्ग पर शव रखकर धरना दिया। इस दौरान यातायात पूरी तरह से ठप हो गया, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पीड़ित परिवार का कहना है कि लखविंदर सिंह का एक्सीडेंट एक टिप्पर चालक द्वारा लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुआ। हालांकि पुलिस ने केवल मोटरसाइकिल चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जबकि लखविंदर को टिप्पर चालक की लापरवाही के कारण ही जान गंवानी पड़ी। परिवार ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद उनका बेटा काफी देर तक सड़क पर पड़ा तड़पता रहा, लेकिन न तो समय पर एंबुलेंस पहुंची और न ही किसी राहगीर या जिम्मेदार विभाग ने उसे अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया।
यातायात प्रभावित, लोग परेशान
करीब दोपहर 1 बजे पीड़ित परिवार ने फाजिल्का-फिरोजपुर मुख्य मार्ग पर लखविंदर का शव रखकर धरना शुरू किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए टिप्पर चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। धरने के कारण मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं जिससे स्कूल बच्चों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े लोगों को घंटों तक ट्रैफिक जाम में फंसा रहना पड़ा।
पुलिस ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही थाना सिटी जलालाबाद के थाना प्रभारी अंगरेज सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और मामले की गंभीरता से जांच करने का आश्वासन दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि पहले ही मोटरसाइकिल चालक रूप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है, और अब टिप्पर चालक के खिलाफ भी अलग से मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
परिवार बोला- दोषियों को सजा मिले
पुलिस अधिकारियों ने परिवार को आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों को कानून के तहत सजा दिलाई जाएगी। हालांकि, परिजनों ने स्पष्ट किया कि जब तक उन्हें पूरा इंसाफ नहीं मिलता, उनका धरना जारी रहेगा। खबर लिखे जाने तक प्रदर्शनकारी सड़क पर डटे हुए थे, और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी।