इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के अनुसार देश में दस से पंद्रह फीसदी विवाहित जोड़े बांझपन का शिकार हैं। आधुनिक समय मेें बदल रहा लाइफस्टाइल और खानपान इसका सबसे बड़ा कारण है। लोगों में बीमारियां बढ़ रही हैं। इंफेक्शन का खतरा बढ़ रहा है।
इन सबसे प्रजनन क्षमता में कमी आ रही है। ये विचार गाडियम आईवीएफ की डायरेक्टर डॉ. मनिका खन्ना ने शनिवार देर शाम इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से आयोजित सेमिनार में व्यक्त किए। आईएमए लुधियाना के प्रधान डॉ. आरके शर्मा ने कहा कि मौजूदा दौर में लाइफस्टाइल नई पीढ़ी के लिए समस्या बनकर उभरा है।
व्यायाम की कमी, कंप्यूटर से चिपके रहना, नींद पूरी नहीं लेना, तनाव समेत कई कारण बांझपन को बढ़ावा देते हैं। डॉ. शर्मा ने कहा कि इस संबंध में युवाओं को जागरूक करने की आवश्यकता है।