टीम इंसाफ की अनुशासन कमेटी के चेयरमैन और विधायक जत्थेदार बलविंदर सिंह बैंस के नेतृत्व में कोट मंगल सिंह स्थित मुख्य दफ्तर में कमेटी के सदस्यों की बैठक बुलाई गई।
इसमें अनुशासन भंग करने के आरोप में पार्षद दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल को पांच साल के लिए टीम इंसाफ से बाहर निकालने का फैसला लिया गया। कमेटी के सदस्यों ने ग्रेवाल की टीम इंसाफ के विरुद्ध की जा रही गतिविधियों पर काफी समय से नजर रखी थी, जिसके बारे में पूछे जाने पर ग्रेवाल सवालों के प्रति स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाए।
वहीं टीम इंसाफ से पांच साल के लिए निकाले गए पार्षद दलजीत भोला का कहना है कि वे घुटन महसूस कर रहे थे, आज टेंशन मुक्त हो गए। भोला ने कहा कि यदि वे खुद जाते तो आरोप लगता कि टीम को छोड़ गए। टीम इंसाफ ने खुद निकाल कर उनकी सारी सिरदर्दी कम कर दी। इसके लिए उन्होंने बैंस बंधुओं का धन्यवाद भी किया।
भोला को मलाल है कि बैंस बंधुओं ने उनके साथ लगातार अनदेखी की, उनके सुझावों को नहीं माना। भोला ने आरोप लगाया कि टीम इंसाफ में साथियों के हितों और उनके साथ जुड़ी संगत की भी अनदेखी की जा रही थी। राजनीतिक दल में जाने की अटकलों को लेकर भोला ने कहा कि न कांग्रेस में जा रहा हूं और न ही आप में। इसके लिए संगत ही फैसला लेगी। उन्होंने कहा कि तीन बार पार्षद और विधायक के चुनाव लड़ाने का फैसला संगत का ही था।