लुधियाना। अपनी मांगों के लिए काफी समय से संघर्ष कर रहे अध्यापक रविवार को दोपहर करीब 12 बजे पंजाब के कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु की माडल टाऊन स्थित कोठी का घेराव करने पहुंच गए। इस दौरान पुलिस की तरफ से की गई बैरिकेडिंग तोड़ अध्यापक यूनियन के सदस्य कोठी के पास पहुंच गए। जहां पुलिस फोर्स पहले से तैनात थी। पुलिस अधिकारियों ने अध्यापकों को वहीं रोक लिया। अध्यापक यूनियन के सदस्य भी गली में ही धरना लगाकर बैठ गए। गर्मी से बेहाल अध्यापकों को पंजाब पुलिस के मुलाजिमों ने पानी पिलाया। कुछ समय बाद कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु की पार्षद पत्नी ममता आशु खुद अध्यापकों से मिलने पहुंचीं। जहां अध्यापकों ने उन्हें ज्ञापन दिया। अध्यापकों का धरना करीब लगभग ढाई घंटे चला।
अलग अलग अध्यापक यूनियन के करीब 500 सदस्य रविवार को डीसी दफ्तर पर इकट्ठे हुए। इसके बाद रोष मार्च निकालते हुए माडल टाऊन स्थित भारत भूषण आशु की कोठी का घेराव करने के लिए पहुंच गए। हालांकि पुलिस ने पहले ही तैयारी कर ली थी। मंत्री की कोठी को जाने वाले हर रास्ते पर पूरी तरह से बैरिकेडिंग कर दी गई, ताकि कोई भी अंदर आ जा न सके। बैरिकेडिंग से पहले अध्यापकों की पुलिस से धक्कामुक्की भी हुई। पुलिस ने जब घर की ओर जाने से रोका तो अध्यापकों ने बैरिकेड तोड़ दिए। वहीं कुछ समय के लिए हुई बारिश में भी अध्यापक धरने में डटे रहे। अध्यापकों ने कहा कि पंजाब सरकार शिक्षकों के साथ धक्का कर रही है। फ्रंट के सूबा कन्वीनर सुरिंदर पुजारी व प्रेम सागर ने कहा कि छठे वेतन कमीशन के जरिये भत्तों में बढ़ोतरी करने की जगह सरकार ने भत्तों को घटा दिया है। पिछले साढ़े चार साल से उनकी मांगें नहीं मानी जा रही। अगर 29 तारीख तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो पटियाला में बड़ी रैली की जाएगी और सरकार के कान खोले जाएंगे। यूनियन के जिला कन्वीनर जसवीर सिंह, गुरदीप सिंह, जगजीत सिंह, परवीन कुमार, गुरजेपाल सिंह, जगदीप सिंह, प्रभजीत सिंह रसूलपुर, प्रभदयाल सिंह, बिक्रमजीत सिंह ने कहा कि सरकार मुलाजिमों के साथ धोखा कर रही है।