जेलों में सजाएं पूरी कर चुके कैदियों की रिहाई के लिए 16 जनवरी से भूखहड़ताल कर रहे बापू सूरत सिंह खालसा की तबीयत लगातार खराब हो रही है।
खालसा ने नौ दिन से पानी तक नहीं पिया है और न ही कुछ खा रहे हैं। डीएमसी में ड्रिप के जरिये ही उनका इलाज किया जा रहा है।
खालसा के बेटे रविंदरजीत सिंह का कहना है कि बापू की हालत नाजुक है। वे न कुछ खा रहे हैं और न ही अपना चेकअप करा रहे हैं। खालसा कुछ बोलते नहीं, केवल रिएक्ट करते हैं।
इस मामले में बनी संघर्ष कमेटी ने सूबा सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि पिछले दिनों गांव हसनपुर और अन्य स्थानों से गिरफ्तार किए गए सिखों को 4 अगस्त तक रिहा किया जाए, अन्यथा संघर्ष कमेटी कड़ा फैसला लेने पर मजबूर होगी। कमेटी की मंगलवार को फील्ड गंज स्थित रेस्टोरेंट में बैठक हुई।
बैठक का संचालन पूर्व सांसद ध्यान सिंह, एडवोकेट अमर सिंह चाहल एवं जसपाल सिंह ने किया। बैठक में प्रस्ताव पास किया गया कि इस मामले में केंद्र एवं राज्य सरकार के रुख के कारण सिखों में नाराजगी है।
कमेटी ने सूबा सरकार से यह मांग भी की है कि सूरत सिंह खालसा को या तो घर भेजा जाए या आम आदमी को भी खालसा से मिलने की इजाजत दी जाए।
इसके बाद बैठक में मौजूद सिख जत्थेबंदियों शिरोमणि अकाली दल-अमृतसर, अकाली दल-1920, अकाली दल पंज प्रधानी, दल खालसा, यूनाइटेड अकाली दल, अखंड कीर्तनी जत्था एवं अकाली दल-स्वतंत्र के सदस्य डीएमसी में सूरत सिंह खालसा से मिलने पहुंचे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उनको मिलने नहीं दिया।