गांव जेठूके निवासी हाकम सिंह (60) खेत मजदूर ने आर्थिक तंगी से परेशान होकर खुदकुशी कर ली।
खेत मजदूर यूनियन के नेता बग्गा सिंह ने बताया कि उक्त मजदूर पर काफी गैर सरकारी कर्ज था। काम न होने के कारण वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। इसी परेशानी के चलते मंगलवार को उसने रेलगाड़ी के आगे कूदकर जान दे दी। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए ।
वहीं किसान यूनियन के नेता शिंगारा सिंह मान का कहना है कि प्रदेश सरकार के किसान मजदूर विरोधी होने के कारण किसान व मजदूर खुदकुशी कर रहे हैं। जब तक सरकार किसान मजदूर संबंधी कोई ठोस नीति नहीं बनाएगी तब तक प्रदेश के किसानों व मजदूरों का भला नहीं हो सकता ।