जिले के गांव कोरेआणा में एक किसान ने कर्ज और मुआवजा न मिलने से परेशान होकर फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। उसकी पहचान अमरदास उर्फ काला के तौर पर हुई है। भारतीय किसान यूनियन लक्खोवाल के जनरल सचिव सरूप सिंह रामां ने बताया कि किसान अमरदास के पास अपनी एक एकड़ जमीन थी।
पंजाब हरियाणा हद पर उसने तीन एकड़ जमीन ठेके पर ले रखी थी। इस पर उसने कपास की फसल लगाई थी, जो सफेद मक्खी के हमले से बर्बाद हो गई थी। बाद में उसे बर्बाद फसल का मुआवजा नहीं मिला।
उन्होंने बताया कि किसान पर सरकारी व गैर सरकारी करीब ढाई लाख कर्ज था। उसने कर्ज उतारने के लिए काफी प्रयास भी किए, लेकिन कर्ज नहीं उतर सका। वह बीते काफी दिनों से परेशान चल रहा था। उन्होंने बताया कि इस वजह से मंगलवार को किसान अमरदास ने अपने घर में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
किसान नेता ने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार का पूरा कर्ज माफ किया जाए। उसके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व उचित मुआवजा दिया जाए। मृतक किसान अपने पीछे दो बच्चे छोड़ गया है।