संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। धोखाधड़ी के केस में बालीवुड एक्टर सोनू सूद सोमवार को लुधियाना की अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। सूत्रों के अनुसार सोनू सूद ने अदालत को बताया कि वे आरोपी को नहीं जानते और साेनू सूद का उनके साथ कोई लेना देना नहीं है, न ही वे कंपनी में ब्रांड एंबेसेडर हैं। उनको इस केस में गवाह क्यों बनाया गया है, इसके बारे में भी उनको काई जानकारी नहीं है। इस मामले में अगली सुनवाई बीस मार्च को होगी। अदालत ने सोनू सूद का बयान रिकार्ड कर लिया है। अगली तारीख पर सोनू सूद को नहीं बुलाया जाएगा।काबिलेजिक्र है कि लुधियाना की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट रमनप्रीत कौर की अदालत ने 29 जनवरी को सोनू सूद के खिलाफ गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। अदालत ने मुंबई अंधेरी वेस्ट के ओशिवरा थाने के प्रभारी को सोनू को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने के आदेश दिए थे।
जानकारी के अनुसार लुधियाना में मल्टीलेवल मार्केटिंग कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। माना जा रहा है कि इस कंपनी ने सोनू सूद को ब्रांड एंबेसडर बना रखा था। अदालत ने सोनू सूद को गवाही के लिए समन भेजा था लेकिन वह पेश नहीं हुए। इसलिए वारंट जारी किए गए।
लुधियाना के वकील राजेश खन्ना का कहना है कि नवंबर 2021 में वे मोहित शुक्ला नाम के व्यक्ति से मिले थे। जिसने बताया था कि वो ''''''''रिकेजा कॉइन'''''''' नाम की एक मल्टीलेवल मार्केटिंग कंपनी में काम करता है। उसने उन्हें अपनी कंपनी के काम के बारे में बताया। उसने बताया कि कंपनी की एक स्कीम के तहत 8 हजार रुपए इन्वेस्ट करने पर 10 महीने बाद 24 हजार रुपए मिलते हैं। वकील के मुताबिक शुक्ला ने कहा कि कंपनी की एक आईडी में कम से कम 100 डॉलर और अधिकतम 5000 डॉलर तक इन्वेस्ट हो सकते हैं। आरोपी ने झूठे आश्वासन के तहत उनसे अलग–अलग आईडी के जरिए 12,500 डॉलर इन्वेस्ट करा दिए। भारतीय करेंसी में यह रकम 10 लाख बनती है। राजेश ने बताया कि जब टाइम पूरा हो गया तो उन्होंने शुक्ला से तीन गुना रुपए मांगे। इस पर वह टालमटोल करने लगा। उन्होंने उसके बारे में पड़ताल की तो पता चला कि वह और भी लोगों से इसी तरह का फ्रॉड कर चुका है।
राजीव