संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। क्षेत्रीय औद्योगिक संगठनों के बीच सहयोग को मजबूत बनाने के उद्देश्य से स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन फगवाड़ा की ओर से चैंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कामर्शियल अंडरटेकिंग्स (सीआईसीयू) के साथ समझौता किया गया है।
इसका उद्देश्य छोटे उद्योगों के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा कर आपसी सहयोग और विकास के नए अवसर तलाशना है। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रधान पंकज कौड़ा ने की। आयोजन सचिव रजनीश जैन और कोषाध्यक्ष प्रदीप ढल्ला के निर्देशन में हुआ। कार्यक्रम में सीआईसीयू के अध्यक्ष उपकार सिंह आहूजा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। पंकज कौरा ने बताया कि एसोसिएशन और सीआईसीयू से मिलकर एक संयुक्त टास्क फोर्स बनाएंगे, जो जीएसटी रिफंड में देरी, कच्चे माल की बढ़ती कीमतें, श्रमिकों की कमी और औद्योगिक क्षेत्रों में ढांचागत सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों को संबंधित विभागों के समक्ष रखेगी।
मुख्य संबोधन में आहूजा ने कहा कि भारत को पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में एमएसएमई क्षेत्र की अहम भूमिका है। इसके लिए उद्योगों के बीच सहयोग, नवाचार और सरकार के साथ प्रभावी संवाद जरूरी है। बैठक में विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए। डॉ. एसबी सिंह ने अकादमिक और उद्योग के बीच साझेदारी को प्रौद्योगिकी उन्नयन के लिए जरूरी बताया। निर्यात विशेषज्ञ सर्वजीत सिंह ने वैश्विक बाजार में उभरते रुझानों और अनुपालन की जानकारी दी। युवा उद्यमी निखिल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि युवाओं की भागीदारी उद्योगों के आधुनिकीकरण की कुंजी है।