राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से जून माह की शुरुआत में स्कूलों को अपग्रेड करने के फैसले से लोगों में छाई खुशी धीरे-धीरे कम होने लगी है। अपग्रेड होने के बावजूद उक्त स्कूलों में स्कूल मुखी और अध्यापकों की भारी कमी इसकी मुख्य वजह है।
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से बच्चों के प्रवेश के लिए अंतिम तारीख 15 जुलाई निर्धारित की हुई है, लेकिन इन नए अपग्रेड किए गए स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर कोई गतिविधि नहीं है।
अभी तक न तो स्कूल मुखी, न लेक्चरार और न ही अध्यापक अपग्रेड हुए, न ही स्कूलों में विद्यार्थियों को प्रवेश करने के लिए भी कोई लिखित आदेश जारी किए गए हैं। हालांकि प्रवेश लेने के लिए विद्यार्थी तो स्कूलों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन वह भी असमंजस में हैं। फिलहाल अभी तक किसी ने भी एडमीशन नहीं ली है।
सरकार की ओर से बीते माह अपग्रेड किए गए स्कूलों में जिले के 16 हाई स्कूलों को सेकेंडरी और पांच मिडिल स्कूलों को हाई स्कूलों के तौर पर अपग्रेड किया था, लेकिन अभी तक स्कूल में किसी विद्यार्थी को दाखिल नहीं किया गया। क्योंकि अभी तक किसी भी स्कूल को कोई भी लिखित आदेश ही जारी नहीं हुए।
इन स्कूलों में पहले से ही कार्यरत अध्यापकों का कहना है कि उनके पास तो पहले ही अध्यापकों की भारी कमी थी, अब समझ नहीं रहा कि नई कक्षाओं को कैसे पढा पाएंगे। साथ ही इन अपग्रेड हुए स्कूलों के बोर्ड भी पुराने ही हैं।
यह स्कूल किए गए थे अपग्रेड
मानसा जिले के जून माह में हाई स्कूलों से अपग्रेड होने वाले स्कूलों की सूची में गांव मत्ती, कोटड़ा कलां, कोटली कलां, बुर्ज हरी, बच्छूआना, रंगड़ियाल, धर्मपुरा, रल्ली, हीरो खुर्द, काहनगढ़, लड़कियां बोहा, हरियाओ, चहलांवाली, बाजेवाला, खैरा खुर्द, झंडा खुर्द और खोखर कलां शामिल हैं। इसके अलावा मिडिल से हाई स्कूल के तौर पर अपग्रेड किए गए स्कूलों की सूची में खीवा कलां, गेहले, धींगड़ फतेहपुर और खैरा कलां शामिल हैं। हालांकि मांग तो काफी स्कूलों को अपग्रेड करने की थी, लेकिन जो किए गए हैं उनके आदेश भी अभी तक जुबानी ही हैं।
जिला शिक्षा अफसर (सेकेंडरी) गुरमीत सिंह दयोल ने कहा अभी तक शिक्षा विभाग की तरफ से कोई भी लिखित मंजूरी नहीं आई है। अपग्रेड किए गए स्कूलों में दसवीं और ग्यारहवीं कक्षाओं के प्रवेश शुरू करने के लिए मौलिक आदेश आए हैं, उसी तरह से आगे कह दिया गया है।