संवाद न्यूज एजेंसी
जालंधर। जालंधर के संतोखपुरा मोहल्ले में हुए भीषण सिलेंडर ब्लास्ट के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। घटना सिलेंडर की पीतल की नोजल काटते समय हुई, जबकि दुकान मालिक ने पहले ही इसे मना किया था। बावजूद इसके शिवमंगल नामक व्यक्ति ने चेतावनी के बावजूद सिलेंडर को काटने का प्रयास किया, जिससे अचानक जोरदार धमाका हो गया। इस धमाके में शिवमंगल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राजेंद्र और राजकुमार चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा शिवमंगल के बलरामपुर, उत्तर प्रदेश निवासी होने की पुष्टि करता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार कबाड़ी की दुकान में पुराने सिलेंडरों को अस्पतालों और मॉल्स से चोरी-छिपे लाकर रखा जाता था। इन सिलेंडरों से पीतल की नोजल निकालकर बेच दी जाती थी। दुकान मालिक जवाहर साहू ने शिवमंगल को सिलेंडर काटने से मना किया था और उसे हिलाकर देखा था, जिससे सिलेंडर में गड़बड़ी होने की आशंका जताई थी। साहू दवाई लेने के लिए दुकान से बाहर गए थे, और उसी दौरान शिवमंगल ने छेनी-हथौड़ी से सिलेंडर की कटिंग शुरू कर दी, जो फट गया। धमाके में पास बैठे राम की आंख में लोहे के छर्रे लगने से एक आंख की रोशनी चली गई, जबकि राजेंद्र के चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। दोनों घायल मरीजों को जनता अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया है।