साइकिल पर लगेंगे दस रिफ्लेक्टर
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सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी के निर्देश पर एक सितंबर से साइकिल पर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार दस रिफ्लेक्टर लगाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आरेंज, रेड और व्हाइट कलर के रिफ्लेक्टरों से साइकिलें रात के वक्त भी दूर से ही चमकेंगी।
माना जा रहा है कि ऐसा करने से साइकिल सवारों की दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इन विशेष रिफ्लेक्टरों को चीन से आयात किया गया है। वहीं रिफ्लेक्टर लग रहे हैं या नहीं, सरकार ने इसकी जांच का जिम्मा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टेंडर्ड को सौंपा है।
रोड सेफ्टी कमेटी ने पहले एक जुलाई से रिफ्लेक्टर लगाना अनिवार्य किया था, लेकिन उद्यमियों की गुहार पर कमेटी ने इनको एक सितंबर से लागू करने का आदेश जारी कर दिया। साइकिल के आगे और पीछे के रिम पर दो-दो नारंगी रंग के रिफ्लेक्टर लगाए जाएंगे।
इसके अलावा दोनों पेडलों पर भी नारंगी रंग के दो-दो रिफ्लेक्टर लगेंगे। साइकिल के आगे लैंप ब्रेकेट पर सफेद रंग का रिफ्लेक्टर लगाया जाएगा। पीछे मडगार्ड पर लाल रंग का एक रिफ्लेक्टर लगाना अनिवार्य किया गया है।
फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल आर्गेनाइजेशन (फिको) के चेयरमैन और नीलम साइकिल्स के एमडी केके सेठ का कहना है कि रोड सेफ्टी कमेटी के निर्देशानुसार ही साइकिलों पर रिफ्लेक्टर लगाने का सिलसिला शुरू किया गया है।
जी-13 बाईसाइकिल ग्रुप के सदस्य और नोवा साइकिल्स के सीएमडी हरमोहिंदर सिंह पाहवा का कहना है कि इंडस्ट्री ने चीन से रिफ्लेक्टरों का आयात कर लिया है। उन्होंने कहा कि साइकिल और एक्सेसरीज के साथ पैकिंग में अब रिफ्लेक्टर भी डिस्पैच किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टेंडर्ड को इसकी जांच के लिए नोडल एजेंसी बनाया है। बीआईएस यह सुनिश्चित करेगा कि साइकिल पर रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे हैं।