फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ludhiana News: रजिस्ट्री घोटाले में निलंबित तहसीलदार के दफ्तर का रिकॉर्ड खंगाला

Tue, 04 Feb 2025 10:50 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
विज्ञापन
विज्ञापन
एडिशनल चीफ सेक्रेटरी ने कई दस्तावेज किए जब्त
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
जगरांव। लुधियाना में रजिस्ट्री घोटाले की जांच तेज हो गई है। पंजाब सरकार के वित्त विभाग के एडिशनल चीफ सचिव अनुराग वर्मा ने लुधियाना पूर्वी तहसील कार्यालय का दौरा किया। यह वही कार्यालय है, जहां निलंबित तहसीलदार रणजीत सिंह ने नियमों के विपरीत जगरांव की तीन एकड़ जमीन की छह विवादित रजिस्ट्रियां की थीं।




सूत्रों के अनुसार, एडिशनल चीफ सचिव ने कार्यालय में मौजूद रिकॉर्ड की गहन जांच की और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सबूत के तौर पर अपने साथ ले गए। इस मामले में डीसी सुधीर जोरवाल पहले ही तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी कर चुके हैं। तहसीलदार को निलंबित कर पठानकोट के सीमावर्ती गांव धारीकला में तैनात किया गया है।
विज्ञापन






मामले में नई जानकारी सामने आई है कि रजिस्ट्री क्लर्क मनप्रीत सिंह को भी जवाब-तलबी के लिए डीसी कार्यालय बुलाया गया। मनप्रीत सिंह अपने साथी मोहित कुमार और एसडीएम रीडर अमनप्रीत सिंह के साथ डीसी दफ्तर पहुंचे। रजिस्ट्री क्लर्क ने अपने जवाब में दावा किया कि विवादित रजिस्ट्रियां जगरांव दफ्तर नहीं आईं और सीधे तहसीलदार के पास पहुंचीं। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि यह बयान सत्य नहीं है।
विज्ञापन






सूत्रों की माने तो 17 जनवरी को जिस दिन रजिस्ट्रियां की गई उस दिन तहसीलदार दफ्तर के कम्प्यूटर ऑपरेटर के पार्टी के साथ जाने के चर्चे हैं। कम्प्यूटर ऑपरेटर को पार्टी के साथ किसी और ने नहीं बल्कि मनप्रीत सिंह ने ही भेजा था। वह ही लुधियाना दफ्तर से रजिस्ट्रियां वापस जगरांव लेकर आया था जिसे मनप्रीत सिंह व बाकियों ने कम्प्यूटर में फीड किया था। यदि आरसी की बात भी मान ली जाए कि रजिस्ट्रियां सीधे लुधियाना गई तो उसी दिन कौन उन रजिस्ट्रियों को वापस जगरांव लाया और किसने जगरांव तहसीलदार के कम्प्यूटर में फीड की। इस बात का जवाब किसी के पास नहीं है। यह मामला अब और गंभीर होता जा रहा है, क्योंकि इसमें कई अधिकारियों की संलिप्तता की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें