अजीतवाल से चावलों से भरी मालगाड़ी का एक डिब्बा बुधवार की देर रात पटरी से उतरने से दस किलोमीटर रेलवे ट्रैक पूरी तरह से टूट गया। इससे लुधियाना और फिरोजपुर के बीच रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा।
रेल गाड़ियों का आवागमन ठप होने से रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा और वे सड़क मार्ग से अपने गंतव्य तक पहुंचे। मालगाड़ी का डिब्बा पटरी से उतरने का चालक को तुरंत पता नहीं चला और डिब्बा अजीतवाल से जगरांव तक घिसटता रहा। इसी वजह से ट्रैक को भी नुकसान पहुंचा है।
इस हादसे के बाद फिरोजपुर-लुधियाना सेक्शन पर दौड़ने वाली छह पैसेंजर ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं और दो ट्रेनों का रूट बदलना पड़ा। उधर, इस हादसे की जांच के लिए रेल प्रशासन ने अधिकारियों की एक कमेटी गठित की है। फिलहाल अधिकारियों ने ट्रेन चालक और गार्ड को निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार बुधवार देर रात एक मालगाड़ी अजीतवाल से एफसीआई के गोदाम से चावल का स्टाक भर कर रवाना हुई। अजीतवाल से निकलते ही चावल से लदी गाड़ी के सातवें डिब्बे के दो पहिये ट्रैक से उतर गए।
चालक को वक्त पर पता न चलने के कारण डिब्बा ट्रैक के साथ घिसटता हुआ नानकसर रेलवे क्रासिंग भी पार कर गया। रेलवे क्रासिंग पर तैनात गेटमैन की नजर घिसटते हुए डिब्बे पर पड़ी।
उसने तुरंत इसकी सूचना जगरांव रेलवे स्टेशन के अधिकारियों को दी। अधिकारियों ने रेलगाड़ी को जगरांव रेलवे स्टेशन पर ही रोक लिया। इस दौरान रेल ट्रैक को काफी नुकसान पहुंचा।
घटना की जानकारी मिलते ही डीआरएम फिरोजपुर अनुज प्रकाश समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके अलावा ट्रैक की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया।
रेलवे के सूत्रों का कहना है कि अजीतवाल से जगरांव तक प्रभावित रेल ट्रैक में करीब 11 से 15 हजार तक सीमेंट के स्लीपरों को नुकसान पहुंचा है। कई जगह पर रेल लाइन को भी नुकसान पहुंचा है।
जानकारों का कहना है कि इस ट्रैक को सही करने में करीब एक माह का वक्त लग सकता है। इस दौरान दस किलोमीटर के प्रभावित रेल ट्रैक से गाड़ियों केवल पंद्रह किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ही चल सकेंगी। इससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अधिक वक्त लगेगा।
हादसे के कारण ट्रैक पर बिछी वायरिंग, लाइनों को लगे नट और लाइनों में लगे स्लीपर टूट गए। रेलवे के अधिकारी पूरी रात और वीरवार को पूरा दिन इस ट्रैक को दुरुस्त करने में लगे रहे, मगर दोपहर तक इसे ठीक नहीं किया जा सका था।
इस घटना के बाद फिरोजपुर और लुधियाना के बीच चलने वाली लगभग छह ट्रेनें रद करनी पड़ी और दो ट्रेनों का रूट बदलना पड़ा। सतलुज एक्सप्रेस (4629) और चंडीगढ़ एक्सप्रेस (4614) का रूट बदला गया।
फिरोजपुर से चलने वाली पैसेंजर ट्रेन टू-एलएफ, आठ-एलएफ, चार-एलएफ के अलावा लुधियाना से आने वाली पैसेंजर ट्रेन वन-एलएफ, तीन-एलएफ व पांच-एलएफ रद करनी पड़ी। पूरे दिन में फिरोजपुर से लुधियाना जाने वाली गाड़ी ही इस ट्रैक पर से धीमी रफ्तार से गुजरी।
उत्तर रेलवे फिरोजपुर डिवीजन के डीआरएम अनुज प्रकाश ने कहा कि रेलवे के कई विंग मामले की जांच कर रहे हैं। वैगन को नानकसर में रोका गया है और इसकी जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। मामले में ट्रेन चालक और गार्ड को निलंबित कर दिया गया है।