दो बहनों के साथ न्यू दीप कंपनी की बस में कंडक्टर की ओर से छेड़छाड़ के मामले को बुधवार पुलिस ने रफा-दफा कर दिया है। पुलिस ने जांच में इस मामले को फर्जी बताया है। यही नहीं उल्टा शिकायतकर्ताओं के खिलाफ अदालत के माध्यम से पर्चा दर्ज करने में जुट गई है।
बुधवार को आयोजित प्रेसवार्ता दौरान एसएसपी कुलदीप सिंह चाहल ने इस मामले को फर्जी बताया। पुलिस जांच में कोटकपूरा बाईपास और सुविधा केंद्र के सीसीटीवी कैमरों की क्लिप में पिता और उसके साथ एक बेटी को पाया गया है। वहीं शिकायत में दो बहनें बताई गई हैैं।
इसके साथ ही बस में उनकी मदद करने वाला मनप्रीत सिंह नाम का निशक्त व्यक्ति बताया है। मगर पुलिस जांच में पता चला है कि उस दिन मनप्रीत बस में नहीं बल्कि बठिंडा में था। बस चालक हरबंस सिंह व कंडक्टर गुरिंदर सिंह से भी पूछताछ में बस में कोई ऐसी बात न होने का पता चला है।
एसएसपी के अनुसार फरीदकोट में पीएसयू नेताओं पर दर्ज केस के रोष स्वरूप पीएसयू नेता गगन संग्रामी ने लड़कियों के पिता जसवीर सिंह से मिलकर यह कहानी बनाई। जसवीर सिंह की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत भी पीएसयू के लेटर हेड पर है। इस वजह से पुलिस ने इस मामले को रद्द कर दिया है।
अब अदालत की इजाजत से पीएसयू नेता समेत शिकायतकर्ताओं के खिलाफ धारा 182 के तहत कार्रवाई करेगी।
उधर, पीएसयू नेता गगन संग्रामी, करमजीत सिंह कोटकपूरा और नौजवान भारत सभा के गुरादित्ता सिंह झबेलवाली ने इस मामले में पक्षपात का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कंडक्टर को क्लीन चिट देने के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है।
एसएसपी कुलदीप सिंह चाहल इस मामले में जज का काम करते हुए खुद ही फैसला सुना रहे हैं। पुलिस उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की शह पर काम कर रही है। इस मामले में डिंपी ढिल्लों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पूरे मामले की जुडीशियल जांच कराने की मांग की है।