मिनी ओलंपिक के नाम से मशहूर किलारायपुर खेल मेले के अंतिम दिन बहुत ही रोमांचक खेल मुकाबले करवाए गए। चार दिवसीय खेल मेले में विभिन्न जिलों से आए लोगों ने हैरतअंगेज कारनामे दिखाकर लोगों का मनोरंजन किया। जिला संगरूर के रामपाल ने बताया कि वह पहली बार किलारायपुर खेल मेले में आए हैं। उनके करीब 10 लड़कों ने लोडिंग अनलोडिंग प्रतियोगिता दो मिनट 43 सेकेंड में पूरी की। इसमें 70 बोरियां को उतारा और चढ़ाया गया।
डीडी जैन कॉलेज की लड़कियों ने सेल्फ डिफेंस के बारे में बताते हुए विभिन्न करतब दिखाए। इसमें जूही रानी (18) ने बालों सेे आल्टो कार को खींचा। ओमिका (23) ने बाइक पर खड़े होकर फ्लैग लहराया। कनिका कुमार (20) ने मुंह पर बाइक निकालने का प्रदर्शन दिखाया। इस दौरान 100 मीटर, 200 मीटर, कबड्डी, घोड़ा दौड़, खच्चर दौड़ मुकाबले करवाए गए। स्कूल फॉर द डैफ चिल्ड्रन ने भंगड़ा प्रस्तुत किया। शाम को पंजाबी कलाकार मनमोहन वारिस ने अपने गीतों से सबका मनोरंजन किया।
अंतिम दिन के परिणाम
75 से 80 वर्ग में 100 मीटर दौड़ में धमोला का छज्जू राम पहले, अमृतसर का सविंदर सिंह दूसरे और गुरचरण सिंह गिल तीसरे स्थान पर रहा। 80 से अधिक वर्ग में हुई 100 मीटर दौड़ में तेजा सिंह फुल्लावांल पहले, खन्ना का निछत्तर सिंह दूसरे और लुधियाना का निछत्तर सिंह तीसरे स्थान पर रहा। 200 मीटर दौड़ (लड़के) में पटियाला का नरिंदर सिंह पहले, पटियाला का अर्शदीप सिंह दूसरे और गुरदासपुर का शिवा सिंह तीसरे स्थान पर, 200 मीटर दौड़ लड़कियां में पटियाला का नीलू यादव पहले, पटियाला की प्राची दूसरे और संगरूर की नवजोत कौर तीसरे स्थान पर रही।
हाई जंप (लड़के) में पटियाला का लवप्रीत सिंह पहले, खन्ना का सेवक सिंह दूसरे और पटियाला का कर्मबीर सिंह तीसरे स्थान पर रहा। जबकि हाईजंप लड़कियों में पटियाला की परनीत कौर पहले, खन्ना की करनदीप कौर दूसरे और गुजरवाल की मनजीत कौर तीसरे स्थान पर रही। हैंडीकैप ट्राइसाइकिल की 100 मीटर रेस में किलारायपुर का सुखा पहले, लुधियाना का प्रमोद कुमार दूसरे और लुधियाना का निरंजन सिंह तीसरे स्थान पर रहा।
संगरूर के गुरमीत सिंह (51 वर्ष) ने दांतों से हल के ऊपर साइकिल रखकर 25 फुट तक उठाया। इसके अलावा दांतों से पौढ़ी उठाना, शरीर पर आग लगाना, मुंह से आग निकालना जैसे कारनामे भी किए। गुरमीत से ट्रेनिंग ले रहे बलबीर सिंह (52) ने खड़ी साइकिल पर बैलेंस बनाकर कर्तब दिखाए। इसमें टायर पर आग लगा कर उसके बीच में से साइकिल निकालने का करतब खास रहा। खेल मेले के अंतिम दिन घोड़ा दौड़ मुकाबले के दौरान एक व्यक्ति गंभीर रुप से जख्मी हो गया। वह फिनिशिंग प्वाइंट के पास खड़ा था। उसके मुंह और कान पर चोट आई।
बैलों को मैदान में लेकर उतरे दौड़ाक, प्रदर्शन
रविवार को पंजाब की 17 जिलों से आए बैल एसोसिएशनों, क्लबों, समूह किलारायपुर एसोसिएशनों ने मिलकर किलारायपुर खेल मेले में अपने बैलों के साथ प्रदर्शन किया। करीब 24 बैल दौड़ाक बैलों समेत मैदान में उतरे और मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने पेटा, एनिमल वेलफेयर बोर्ड और एनजीओ के खिलाफ नारेबाजी की। बैल दौड़ाक ग्रेवाल स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सेक्रेटरी जग्गा सिंह ने बताया कि बैल गाड़ियों की दौड़ से ही किलारायपुर खेल मेले की पहचान है। यह विरासती खेल मेला है। इसी की वजह से यह खेल मेला मिनी ओलंपिक के नाम से जाना जाता है।
1933 से करवाए जा रहे विरासती खेल के बंद हो जाने से सभी बैल दौड़ाकों और दर्शकों को ठेस पहुंची है। जत्थेबंदियों ने पंजाब सरकार से सहयोग की मांग की। कृषि मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों के जरिए मांग पत्र सरकार को सौंपा। बैल दौड़ाक निछत्तर सिंह (68 वर्ष) ने बताया कि वह पिछले 17 साल से बैल दौड़ा रहे है। बैलों को अपने बच्चों की तरह पालते हैं। ग्रामीण खेल मेलों में ही वह प्रदर्शन कर अपनी आजीविका कमाते हैं। पूर्व विधायक जस्सी खंगूड़ा ने कहा कि सरकार को चाहिए कि ग्रामीण लोगों के साथ मिलकर चले और इनको आने वाली समस्याओं का जल्द समाधान करे।