नरेंद्र मोदी जगरांव आकर पंजाबियत के रंग में रंगे नजर गए। मंच से पीले रंग की दस्तार पहन कर मोदी ने पंजाबी अंदाज में ही जोशीला भाषण दिया और खूब तालियां बटोरीं।
भाषण के वक्त जगरांव की धरती पर उमड़ा जन समूह मोदी-मोदी के नारे लगा रहा था। मोदी ने भी अपना भाषण जो बोले सो निहाल से शुरू किया। इसके बाद वाहे गुरु जी का खालसा वाहे गुरु जी की फतेह से आगे बढ़ाते हुए देह शिवा वर मोहे के साथ उनका भाषण समाप्त हुआ।
देश के अलग-अलग हिस्सों के लोगों द्वारा एक दूसरे के रिवाजों और परंपराओं को अपनाने पर जोर देते हुए उन्होंने राष्ट्रीय एकता की भावना के लिए इसे सुखद करार दिया। रैली स्थल पर शिरोमणि अकाली दल और भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल व अन्य नेताओं ने सम्मान किया। बादल ने उनको दस्तार पहनाई, कृपाण सौंपी और सिरोपा पहनाया।
इसके बाद एक बड़ा फूलों का हार पहना कर मोदी की आवभगत की गई। मोदी ने कहा कि वह चुनाव में जाने से पहले पंजाब में आर्शीवाद लेने आए हैं। गुजरात में बन रहे स्टैचू ऑफ लिबर्टी में सीएम बादल ने सबसे पहले अपने गांव से लोहा दिया। इसके बाद पूरे पंजाब के गांवों से लोहा पहुंचा।
मोदी ने पंजाब के मॉडल की तारीफ की। मोदी बोले, बड़े बादल गांव और किसान की बात करते हैं तो सुखबीर का दिमाग आधुनिक मॉडल पर फोकस कर रहा हैं। तभी तो पंजाब का संतुलित विकास हो रहा है। इसकी शानदार मिसाल है कि सुखबीर ने इनवेस्टमेंट समिट कराई तो बड़े बादल ने एग्र्रीकल्चर समिट।
मोदी ने कहा कि उन्होंने छह साल तक पंजाब में काम किया और पंजाब को वह कभी भुला नहीं सकते। इस मिट्टी ने उनको प्रेरणा दी है। मोदी ने अपने भाषण में विकास के कई मंत्र दिए।
रिवाजों को अपनाने में भी गहरा नाता
नरेंद्र मोदी ने कहा कि पंजाबियों और गुजरातियों का नाता अब कुछ ज्यादा ही गहरा हो चुका है। गुजरात की शादियों और समारोहों में पंजाबी गाने और पंजाबी खाने की आजकल धूम है। इसलिए कोई भी ताकत देश की एकता पर चोट करने में कामयाब नहीं हो सकती।