भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जगरांव रैली में ऐलान किया कि गुजरात के सिख किसानों को प्रदेश छोड़ कर जाने की नौबत नहीं आएगी।
इस मामले में यदि कोई अफसर गलती करेगा तो उसे खुद जाना होगा। किसान गुजरात से कहीं नहीं जाएगा। कुछ लोग इस मुद्दे पर देश के लोगों खास कर पंजाबियों को गुमराह कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि कच्छ की जमीन रेगिस्तान एवं बंजर है।
पंजाब के किसानों ने उसे अपनी मेहनत से हरा भरा किया है, लेकिन कुछ लोग झूठ का सहारा लेकर दुष्प्रचार कर रहे हैं। ऐसे लोगाें से हम सभी को सजग रहना होगा। मोदी ने आह्वान किया कि गुजरात पर जितना अधिकार मोदी का है, उसना ही हर हिन्दुस्तानी का भी है।
कहा कि छह साल तक वे पंजाब भाजपा के प्रभारी रहे। इसके बाद उन्होंने गुजरात की गद्दी संभाली। अब वे पार्टी के पीएम पद के उम्मीदवार हैं और पंजाब में यहां के लोगों का आर्शीवाद लेने आए हैं। इसलिए फ तह रैली राजनीतिक फतह के लिए है।
मोदी ने कहा कि पंजाब का गुजरात से गहरा रिश्ता है। पंजाब में अकाली भाजपा का नाता राजनीतिक नहीं सामाजिक भी है। कांग्रेस को परेशानी हो रही है उनकी बांटों और राज करो की नीति पंजाब में विफल है। कच्छ के गुरुद्वारा में जब गुरु नानक देव जी आए, तब से उनकी पादुकाओं को संभाल कर रखा गया है।
भूकंप के कारण गुरुद्वारा साहिब नष्ट हो गया था, लेकिन सरकार ने माहिरों की राय लेकर वैसा ही गुरुद्वारा बनाया और आज उसे विश्व विरासत में स्थान मिला है। मोदी ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में देवी लाल, फारूक अब्दुल्ला और प्रकाश सिंह बादल से काफी कुछ सीखा है।