सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर)। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के प्रदेशाध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि कृषि कानून रद्द होने तक आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन लंबा चलने की सूरत में पंजाब में होने वाले आम विधानसभा चुनाव से पहले यूनियन समानांतर तौर पर कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार के खिलाफ आंदोलन करेगी।
कैप्टन सरकार ने कई अहम वादों को पूरा नहीं किया है, जिससे किसानों में रोष है। इन मांगों में किसानों व मजदूरों का पूरा कर्ज माफ करना, हर घर में नौकरी, बेटियों को निशुल्क शिक्षा व नौकरी के अलावा पंजाब को नशा मुक्त करने के वादे पूरे नहीं किए गए हैं। वीरवार को बातचीत में उगराहां ने कहा कि गोदी मीडिया लगातार अफवाहें फैला रहा है कि किसान संगठनों में दरार पड़ गई है। जबकि सभी किसान संगठन एकजुट हैं और दिल्ली में मिलकर संघर्ष कर रहे हैं।
महापंचायतों के जरिये इन अफवाहों को दूर करके लोगों में जोश भरा जा रहा है। उगराहां ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री की ओर से किसानों से बातचीत करने की इच्छा जताने का मतलब नहीं है। किसान स्पष्ट तौर पर सरकार की पेशकश रद्द कर चुके हैं। मात्र मीडिया में बातचीत करने का बयान देने से किसानों का भला नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री के पास निर्णय लेने के अधिकार नहीं हैं। नए कृषि कानूनों के लिए भाजपा व अकाली दल जिम्मेदार हैं। उगराहां ने बताया कि 27 फरवरी को दिल्ली में शहीद चंद्रशेखर आजाद का बलिदान दिवस मनाया जाएगा और 8 मार्च को महिला दिवस पर खास कार्यक्रम होगा।