स्वराज अभियान के संस्थापक योगेंद्र यादव ने मंगलवार को जिला बार एसोसिएशन के साथ बैठक की और देश व राज्य की राजनीतिक दशा एवं दिशा पर मंथन किया। बैठक में शिरोमणि अकाली दल के पूर्व वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सीपीएस हरीश राय ढांडा भी खास तौर पर उपस्थित रहे।
योगेंद्र ने कहा कि देश और पंजाब मेें पॉलिटिकल वैक्यूम है। केंद्र सरकार दिशाहीनता की तरफ बढ़ रही है, जबकि पंजाब में उथल पुथल की स्थिति है। सूबे का सत्ताधारी पक्ष बदनाम और अलोकप्रिय हो चुका है। जनता के गुस्से और डर से बचने के लिए ऐसी राजनीति की जा रही है, जिसे जनता पहले ही रिजेक्ट कर चुकी है। चाहे वह खालिस्तान का नाम हो या अलगाववाद की बात हो। ऐसे में अब सशक्त राजनीतिक विकल्प की जरूरत है।
सरबत खालसा का समर्थन करने पर यादव ने आम आदमी पार्टी से पूछा है कि क्या वे सिमरनजीत सिंह मान के साथ हैं। यदि ऐसा है तो क्या यही पंजाब को आगे ले जाने का रास्ता है। योगेंद्र ने कहा कि सूबे में सारी मर्यादाएं टूट चुकी हैं, धक्केशाही की कोई सीमा नहीं बची है। मौजूदा हालात पर साफ है कि सारा घटनाक्रम 2017 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए ही घट रहा है। यादव ने कहा कि बिहार में नीतीश की जीत विकास की जीत नहीं है। छह माह में सब कुछ साफ हो जाएगा। इस अवसर पर जिला बार संघ के पदाधिकारियों समेत कई वकील भी मौजूद रहे।