मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के पैतृक हलका लंबी में मंगलवार को जहां शिक्षा प्रोवाइडरों को गांव बादल कूच करते हुए पुलिस कर्मियों की लाठियों का सामना करना पड़ा, वहीं नेशनल रूरल हेल्थ मिशन के तहत कार्यरत नर्सों की भी पुलिस के साथ झड़प हो गई।
इससे लंबी में एक बार फिर से स्थिति तनावपूर्ण बन गई। मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से लंबी में संघर्षरत शिक्षा प्रोवाइडरों ने ज्यों ही मुख्यमंत्री के गांव बादल की ओर कूच किया तो भारी तादाद में पुलिस बल ने उन्हें लंबी राष्ट्रीय राज्य मार्ग पर ही अवरोधक लगाकर रोक लिया।
इस दौरान शिक्षा प्रोवाइडरों ने पुलिस कर्मियों को मुख्यमंत्री बादल के साथ मांगों संबंधी बात करवाने की मांग रखी। जिस पर पुलिस कर्मियों ने विधान सभा सेशन चलने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री के व्यस्त होने के बारे में बताते हुए बाद में बात कराने का आश्वासन दिया। इसी दरमियान शिक्षा प्रोवाइडरों में शामिल एक-दो सदस्य पुलिस को चकमा देकर गांव बादल कूच करने लगे तो पुलिस ने समूह शिक्षा प्रोवाइडरों को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज कर डाला।
इसके बाद शिक्षा प्रोवाइडरों ने वहीं राष्ट्रीय राज्य मार्ग पर धरना लगा सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। राष्ट्रीय अध्यक्ष अजमेर सिंह औलख ने बताया कि वह दस वर्षों से अपनी सेवाएं रेगुलर करवाने के लिए संघर्षरत हैं, मगर राज्य सरकार उनकी मांग पूरी नहीं कर रही। उधर, मलोट के एसडीएम कुमार अमित ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को 5 मार्च को मुख्यमंत्री से बात करवाने का आश्वासन दिया।
वहीं, दूसरी तरफ नर्सों का आज लंबी हलके के विभिन्न गांवों में जाकर सरकार की नीतियों की पोल खोलने का प्रोग्राम था। नर्सें ज्यों ही अपने तय कार्यक्रम के अनुसार धरना स्थल से उठकर आगे बढ़ने लगी तो अप्रिय घटना की आशंका से भयभीत पुलिस कर्मियों ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। जिस पर पुलिस कर्मियों तथा नर्सों में झड़प हो गई। गुस्साई नर्सों ने वहीं हाईवे पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए खूब भड़ास निकाली।
गौर रहे कि मांगों को लेकर शिक्षा प्रोवाइडर तथा नर्सें कई दिनों से लंबी में पक्का डेरा जमाए हुए हैं जिसके चलते लंबी में भारी पुलिस दल भी तैनात है। शिक्षा प्रोवाइडरों, नर्सों तथा अन्य यूनियनों का संघर्ष पुलिस प्रशासन के लिए सिरदर्दी का कारण बन गया है।
(संबंधित फोटो फाइल संख्या 04द्वद्मह्म्श्चड्डठ्ठ135-10,11)