राज्य सरकार की पांच प्रमुख खरीद एजेंसियां के पास पिछले पांच साल के गेहूं का चार लाख टन से अधिक का पुराना स्टाक पड़ा है। इसमें से भारतीय खुराक निगम (एफसीआई) ने करीब 10 हजार मीट्रिक टन गेहूं खराब होने के कारण रिजेक्ट कर दी है।
कुछ दिन तक मंडियों में नई गेहूं आनी शुरू हो जानी है और इन खरीद एजेंसियां को नई गेहूं रखने की चिंता सताने लगी है। जिले के कस्बे कोट ईसे खां में पंजाब एग्रो फूड निगम की निगरानी मेें एक ओपन गोदाम में से 2457 मीट्रिक टन गेहूं खराब होने के बारे में भारतीय खुराक निगम ने उच्चाधिकारियों को सूचना भेजी है। यहां गांव दाता रोड पर गली सड़ी गेहूं लोगों के खाने के लाइक भी नहीं है।
एफसीआई के एक अधिकारी के मुताबिक मार्कफेड के पास 2009-10 से 2013-14 तक की 118916 मीट्रिक टन गेहूं का स्टाक पड़ा है। इसमें से 1324 मीट्रिक टन से अधिक गेहूं भारतीय खुराक निगम ने रिजेक्ट की हुई है। इस तरह पंजाब एग्रो फूड निगम के पास पड़े 2011-12 से 2013-14 तक गेहूं के पुराने स्टाक 78729 मीट्रिक टन में से 2713 मीट्रिक टन, पनसप के पास पड़े 2010 -11 से 2013-14 तक गेहूं के पुराने स्टाक में से करीब 3 हजार मीट्रिक टन, पंजाब राज्य गोदाम निगम के 2011-12 से 2013-14 तक के स्टाक में से 1190 मीट्रिक टन गेहूं खराब होने के कारण रिजेक्ट की हुई है।
इसके अलावा पनग्रेन के पास 2012-13 से 2013-14 का 18467 मीट्रिक टन स्टाक पड़ा हुआ है। यह भी पता लगा है कि कई एजेंसियां खराब और ठीक गेहूं मिलाकर 35 किलो नए गट्टों में भरकर डिपो होल्डरों के जरिये खुराक और सिविल सप्लाई विभाग की मिलीभगत से बीपीएल स्कीम के अंतर्गत गरीब को एक रुपये किलो बेच रही हैं।
सात लाख टन खरीद का लक्ष्य : डीसी
डिप्टी कमिश्नर अर्शदीप सिंह थिंद ने बताया कि जिले में इस वर्ष गेहूं की खरीद के लिए 107 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। 707606 टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य है जबकि पिछले वर्ष गेहूं की खरीद का 689479 टन लक्ष्य था।