गांव ढुड्डके में डेरा सिरसा प्रेमियों और सिख समुदाय में हुए टकराव बाद गांव में सुरक्षा के कड़े प्रबंध कर दिए गए हैं।
थाना अजीतवाल में पुलिस और डेरा प्रेमियों पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने एक एएसआई के बयान पर सिख समुदाय के खिलाफ एक और हमला करने का केस दर्ज किया है। इससे पहले दर्ज केस में नामजद के बाद हिरासत में लिए गांव ढुड्डके के सरपंच और अन्य को रिहा कर दिया गया है।
गांव में मंगलवार को पुलिस की तरफ से अश्रु गैस और फायरिंग का सरकार ने गंभीर नोटिस लेते हुए जवाब तलब किया है। यहां घटी घटना में लापरवाही बरतने के आरोप में थाना अजीतवाल के एसएचओ इंस्पेक्टर गुरप्यार सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
जिला पुलिस प्रमुख कमलजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि गांव में चार आईआरबी, एक पीएपी की कंपनी के अलावा जहान खेलें पुलिस ट्रेनिंग सेंटर से 75 विशेष प्रशिक्षण प्राप्त लड़कियां और 300 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस टीमें बना कर गश्त कर रही हैं। किसी भी बेकसूर को परेशान नहीं किया जाएगा और कसूरवार को बख्शा नहीं जाएगा। अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और वीडियो और फोटो के जरिये मुलजिमों की शिनाख्त करके गिरफ्तार किया जाएगा। एसएचओ इंस्पेक्टर गुरप्यार सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
केस रद्द न किया तो करेंगे संघर्ष
डेरा प्रेमियों ने बुधवार देर शाम को नाम चर्चा घर में मीटिंग करके सारी स्थिति पर विचार किया और संघर्ष की रूपरेखा तैयार की। दूसरे तरफ एक नूर खालसा फौज के नेता गुरभाग सिंह मरूड़ ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि सिख संगत के खिलाफ दर्ज किए झूठे केस 1 दिसंबर तक रद्द न किए तो सिख संगत संघर्ष के लिए मजबूर होगी।
आरोपी हिरासत से रिहा
गांव ढुड्डीके में 25 नवंबर की रात को डेरा प्रेमी गुरमेल सिंह के बयान पर थाना अजीतवाल में 60/70 अज्ञात सिख संगत के खिलाफ केस दर्ज करके इस मामलों में नामजद सरपंच जसदीप सिंह गिराई, जिला परिषद सदस्य जगतार सिंह धालीवाल और गुरप्रीत सिंह को हिरासत में ले लिया था और मंगलवार रात उन्हें रिहा कर दिया गया है।
हुजूम में से किसी ने किया फायर
थाना अजीतवाल में एएसआई गुलजार सिंह के बयान पर सिख संगत के खिलाफ दर्ज दूसरे केस में पुलिस ने आरोप लगाया कि डेरा प्रेमी अमन के साथ नाम चर्चा कर रहे थे तो सिख संगत के हुजूम ने हथियारों के साथ डेरा प्रेमियों पर हमला कर दिया। एएसआई ने यह भी बयान में कहा कि हुजूम में से हथियार के साथ सीधा फायर किया और सिपाही सुखजिंदर सिंह के मोटर साइकिल को आग लगाकर जला दिया।