काफी समय से बीमार चल रहे एक पटवारी के वेतन के बकाए करीब 7 लाख रुपये के
बिल पास करने के बदले 70 हजार रुपये मांगने वाले सहायक खजाना अफसर की ओर से
भेजे गए एक व्यक्ति को विजिलेंस टीम ने 50 हजार रुपये लेते रंगेहाथ
गिरफ्तार किया है।
सहायक खजाना अफसर इससे पहले पटवारी की पत्नी से
20 हजार रुपये की रिश्वत ले चुका था। विजिलेंस टीम ने दोनों के खिलाफ मामला
दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
डीएसपी विजिलेंस परमजीत सिंह
विर्क ने बताया कि मानसा कैंचियां निवासी पटवारी हरिंदर सिंह ख्याली
चहलावाली पटवारी है। वह आजकल बीमार चल रहा है। उसके वेतन के करीब 7 लाख
रुपये बकाया थे। पटवारी हरिंदर सिंह की पत्नी गुरजीत कौर ने एक बिल
सरदूलगढ़ खजाना अफसर को भेजा। मानसा के सहायक खजाना अफसर गुरप्रीत सिंह हर
वीरवार सरदूलगढ़ ड्यूटी पर जाता है।
उसने गुरजीत कौर को कहा कि यह
बिल चंडीगढ़ भेजे जाएंगे, जिस के लिए काफी समय लग सकता है। उसने इस तरह न
करने पर सारे पैसे रुक जाने का डर भी दिया। उसने कहा कि कुछ दिनों में यह
बिल पास करवा सकता है, जिस के लिए उसके उक्त पैसों में से आधे देने होंगे।
आखिर
में 70 हजार रुपये में बात तय हो गई। एक दिन गुरप्रीत सिंह ने गुरजीत कौर
को अपने घर बुलाकर उससे 20 हजार रुपये लिए और फिर कुछ दिनों बाद गुरप्रीत
सिंह ने सारी रकम उनके खाते में डाल दी और बाकी रकम की मांग की।
सहायक
खजाना अफसर ने 50 हजार रुपये लेने के लिए अपने एक साथी आत्मा सिंह को
गुरजीत कौर के घर भेजा। जब आत्मा सिंह ने 50 हजार रुपये लिए तो विजिलेंस
टीम ने उसे रंगेहाथ दबोच लिया। गुरजीत कौर ने पैसे मांगने की बाबत सहायक
खजाना अफसर व आत्मा सिंह की रिकार्डिंग भी की।
उन्होंने बताया कि
विजिलेंस थाना बठिंडा में सहायक खजाना अफसर गुरप्रीत सिंह व उसके साथी
आत्मा सिंह पर मामला दर्ज कर लिया गया है। गुरप्रीत सिंह अभी फरार है। उसे
जल्द काबू कर लिया जाएगा। मामले में महेंटा सिंह वाटर वर्क्स व सेनीटेशन
क्लर्क सतपाल व जेई गौरव कुमार को सरकारी गवाह बनाया गया है।