सजा भुगत चुके बंदियों की रिहाई को लेकर भूख हड़ताल कर रहे सूरत सिंह खालसा
से शनिवार को संघर्ष कमेटी के चार सदस्यों ने मुलाकात की।
इस
दौरान खालसा की बेटी सरवरिंदर कौर और बेटा रविंदर जीत सिंह गोगी भी मौजूद
था। संघर्ष कमेटी के सदस्य डॉ. मनजिंदर सिंह चंडी, आरपी सिंह, प्रीतम कौर
और भाई कुमिकर सिंह ने खालसा से उनका हाल जाना। मुलाकात के दौरान पुलिस के
उच्चाधिकारी भी मौजूद थे। संघर्ष कमेटी के सदस्यों ने कहा कि पुलिस ने कुछ
दिन पहले संघर्ष कमेटी के सदस्यों को गिरफ्तार किया है, उनके रिहा होने के
बाद ही आगे की रणनीति बनाएंगे। उसके बाद वह सरकार से बात करेंगे और तब तक
खालसा की भूख हड़ताल जारी रहेगी।
संघर्ष कमेटी के सदस्यों डॉ.
मनजिंदर सिंह चंडी ने कहा कि कई पंथक जत्थेबंदियों में से एक-एक सदस्यों को
लेकर सूरत सिंह खालसा मामले में संघर्ष कमेटी बनाई गई थी। कुछ दिन पहले
पुलिस ने गांव हसनपुर में लाठीचार्ज के दौरान संघर्ष कमेटी के सदस्यों को
गिरफ्तार कर लिया था, जबकि चार सदस्य ही बाहर रह गए थे। डीएमसी अस्पताल में
शनिवार को संघर्ष कमेटी के सदस्य मिलने के लिए गए।
पहले पुलिस ने
उन्हें रोका और उसके बाद चार लोगों को मिलने के लिए भेज दिया गया। उन्होंने
कहा कि सरकार को कुछ ऐसा करने चाहिए कि पंजाब का माहौल न बिगड़े। उन्होंने
कहा कि खालसा शांतिपूर्वक ढंग से प्रोटेस्ट कर रहे हैं और आगे भी उनका
शांतिपूर्वक ढंग से प्रोटेस्ट करने का फैसला है।
डॉ. चंडी ने कहा
कि उनकी कमेटी के काफी सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर रखा है। सरकार
उन्हें कब छोड़ने का फैसला करेगी, उन्हें नहीं मालूम। इंतजार किया जा रहा
है कि उनके आने के बाद आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। अगर सरकार उनकी
संघर्ष कमेटी के सदस्यों को नहीं छोड़ती तो जिन जत्थेबंदियों से सदस्य लेकर
संघर्ष कमेटी बनाई गई थी उन्हीं जत्थेबंदियों को बुलाकर मीटिंग की जाएगी
और आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अब तो सुप्रीम
कोर्ट ने भी आदेश जारी कर दिए हैं कि सरकार अपने तौर पर सजा भुगत चुके
बदियों को रिहा कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट को देख कर लीगल राय ली
जाएगी।