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मौसम की बेरुखी से किसान परेशान

Thu, 07 Jan 2016 03:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
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काटन पर सफेद मक्खी के हमले, धान की पेमेंट में अड़चन, बासमती चावल के उपयुक्त दाम नहीं मिलने के बाद अब मौसम की बेरुखी किसानों का सिरदर्द बढ़ा रही है।
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हालत यह है कि दिसंबर सूखा निकल गया है और जनवरी में भी उम्मीद के मुताबिक बारिश के आसार नहीं बन पा रहे हैं। ऐसे में गेहूं के झाड़ में पांच फीसदी या इससे ज्यादा की कमी आ सकती है। यदि ऐसा हुआ तो पंजाब के किसान के तमाम समीकरण गड़बड़ा सकते हैं।

पंजाब में 35 लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन पर गेहूं की बीजाई की गई है। अब गेहूं की फसल को के लिए बारिश की आवश्यकता है। हालत यह है कि दिसंबर के माह में सामान्य तौर पर चार से पांच तक पश्चिम विक्षोभ के तहत बारिश होती है और धुंध पड़ती है। इस बार दिसंबर में सिर्फ एक ही पश्चिम विक्षोभ आया। अब जनवरी में भी तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है।
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पद्मश्री से सम्मानित किसान एचएस हारा का कहना है कि बारिश न होने और धुंध न होने के कारण गेहूं की टिलरिंग (फुटाव) नहीं हो पा रही है। इससे फसल के झाड़ पर असर हो सकता है। उनका कहना है कि इस वक्त गेहूं के लिए बारिश अनिवार्य है। चीफ एग्रीकल्चर अफसर एसएस सेखों का कहना है कि बारिश न होने का असर गेहूं की फसल पर हो रहा है। यदि बारिश कम हुई तो पैदावार घट सकती है।
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