एक युवक ने अपनी पत्नी को मौत के घाट उतारने के बाद उसे भागने से रोक रहे
अपने भाई और भतीजे को भी जख्मी कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला
दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार जीरे के गांव
माईयावाला निवासी लक्ष्मण दास की बेटी इंद्र उर्फ बबली का विवाह करीब 15
साल पहले जगरांव के गांव नत्थोवाल के इकबाल सिंह उर्फ बब्बर से हुआ था।
विवाह के कई साल बाद बब्बर के एक अन्य महिला से संबंध हो गए। इसके बारे में
उसकी पत्नी को पता चला तो घर में क्लेश रहने लगा।
इससे परेशान
होकर उसकी पत्नी करीब तीन साल पहले अपने मायके चली गई। बीते दिन दोनों गांव
की पंचायतों ने पति-पत्नी में समझौता करा दिया, इसके बाद बबली के पिता
लक्ष्मण दास अपनी बेटी को ससुराल छोड़ गए।
शनिवार तड़के करीब पांच बजे
बब्बर तेजी से अपने कमरे से बाहर निकला और घर से भागने लगा, लेकिन घर के
गेट को ताला लगा था। बब्बर ने अपने भाई बाबू सिंह को गेट खोलने के लिए कहा।
बाबू सिंह को शक हुआ और उसने गेट नहीं खोला। इस पर बब्बर घर में पड़ा
गंडासा लेकर आया और बाबू पर कई वार कर दिए।
बाबू को खून से लथपथ
देख उसके बेटे सुखविंदर सिंह ने अपने चाचा को काबू कर लिया और शोर मचा
दिया। आरोपी ने भतीजे के साथ भी जद्दोजहद की, लेकिन वह कामयाब न हो सका।
शोर सुन कर गांववाले भी आ गए और उन्होंने बब्बर को काबू करके पुलिस को बुला
लिया। इस दौरान जब बब्बर के कमरे में जाकर देखा तो उसकी पत्नी मृत पड़ी
थी। बब्बर ने कहा कि उसने अपनी पत्नी को मार दिया है। सूचना मिलते ही थाना
हठूर के प्रभारी भूपिंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और
आरोपी को काबू कर लिया।