पंजाब सरकार के खिलाफ सांसद रवनीत सिंह बिट्टू की अगुवाई में कांग्रेसियों
ने नगर निगम दफ्तर को ताला जड़ने की कोशिश की। पुलिस को चकमा देकर
कांग्रेसी वर्कर निगम परिसर के अंदर दाखिल हो गए।
इस दौरान कांग्रेसियों पर
पुलिस ने हल्की लाठियां भी भांजी। धक्कामुक्की में सांसद रवनीत सिंह
बिट्टू मामूली रुप से घायल हो गए। एडीसीपी क्राइम मुखविंदर सिंह की अगवाई
में पुलिस ने सांसद बिट्टू सहित सैकड़ों कांग्रेसी वर्करों को हिरासत में
ले लिया। जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। कांग्रेसियों ने दावा किया कि वह
नगर निगम को ताला जड़कर आए हैं।
कांग्रेसियों का नगर निगम पर तालाबंदी
प्रदर्शन का प्रोग्राम पहले से ही तय था। इसके लिए जिला पुलिस ने सुरक्षा
के सभी इंतजाम कर रखे थे। वीरवार रात को सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने
साथी वर्करों के साथ नगर निगम के बाहर दौरा भी किया कि पुलिस ने उन्हें
रोकने के लिए क्या रणनीति बनाई है।
शुक्रवार सुबह एडीसीपी क्राइम मुखविंदर
सिंह, एडीसीपी वन जोगिंदर सिंह, एसीपी रमनीश चौधरी और एसीपी सतीश मल्होत्रा
सहित कई थानों की पुलिस फोर्स ने निगम को चारों तरफ से सील कर दिया। किसी
को अंदर आने नहीं दिया गया। कांग्रेसियों ने पहले नगर निगम के बाहर धरना
दिया। बाद में सांसद बिट्टू के आने के बाद कांग्रेसियों ने निगम की ओर कूच
किया। मेन गेट को पुलिस ने घेर रखा था।
पुलिस को चकमा देकर कांग्रेसी
पार्किंग की तरफ से कूदकर अंदर दाखिल हो गए। इस पर पुलिस भी अंदर की तरफ आई
और लाठीचार्ज कर कांग्रेसियों को वहां से खदेेड़ा। सांसद बिट्टू अपने
साथियों के साथ निगम के मेन गेट पर पहुंच गए। वहां पर मौजूद भारी पुलिस
फोर्स ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान पुलिस के साथ उनकी काफी धक्कामुक्की भी
हुई। कांग्रेसियों ने दावा किया कि वह निगम को ताला जड़ आए हैं, लेकिन
पुलिस का कहना था कि पुलिस ने पहले से ही वहां पर ताला लगाया हुआ था। इसके
बाद पुलिस ने कांग्रेसी वर्करों को हिरासत में ले लिया।
इस सरकार से सब दुखी हैं : बिट्टू
सांसद
रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि शहर में रुके हुए विकास कार्य को फिर से शुरू
कराने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था, लेकिन कोई काम नहीं शुरू करवाया
गया। हजारों लोगों के सड़कों पर आने से साबित हो गया है कि पंजाब सरकार की
नीतियों से लोग दुखी हैं।
सरकार के लिए इससे शर्मनाक बात क्या हो सकती है
कि किसान और व्यापारी आत्महत्या कर रहे हैं और उद्यमी अपनी फैक्ट्रियां बंद
कर यहां से पलायन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहर में 338 विकास कार्य ठप
हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लुधियाना के विकास कार्यों पर खर्च करने वाला
सारा पैसा बठिंडा नगर निगम को भेज रही है।