फिरोजपुर रोड स्थित होटल में काम करने वाली युवती के साथ चलती कार में
गैंगरेप के मामले में अदालत ने 94 दिन में फैसला सुना दिया है। शुक्रवार को
एडिशनल सेशन जज प्रिया सूद ने मामले में दोषी बादल को बीस साल और सन्नी व
मोनू को ताउम्र कैद की सजा सुनाई।
आरोपियों पर एक-एक लाख रुपये का
जुर्माना भी सुनाया गया। सजा सुनते ही तीनों आरोपियों के चेहरे पर उदासी छा
गई। आठ मार्च की रात करीब सवा एक बजे घर जाते समय होटल कर्मी युवती को
तीनों आरोपियों ने अगवा कर लिया था और चलती कार में उसके साथ गैंगरेप किया
था।
पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। इलाके में लगे
सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से पुलिस को कार के बारे में जानकारी मिली। जांच
के दौरान पता चला कि जिस कार में गैंगरेप हुआ था, वह धांधरा रोड पर है।
पुलिस की भारी फोर्स ने धांधरा रोड स्थित शहीद भगत सिंह नगर में छापामारी
की।
इस दौरान आरोपी गाड़ी में ही थे। पुलिस को देख सन्नी और मोनू तो फरार
हो गए, लेकिन बादल को पकड़ लिया गया। पुलिस ने कार को भी बरामद कर लिया था।
अगले दिन सन्नी और उससे अगले दिन मोनू को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों
की पहचान कराई और तीनों के मेडिकल व फिजीकल टेस्ट करवाए गए।
पुलिस ने
17 मई को एडिशनल सेशन जज प्रिया सूद की अदालत में चालान पेश किया। 25 दिन
में मामले की सुनवाई कर अदालत ने वीरवार को आरोपियों को दोषी करार दे दिया।
कब क्या हुआ
- आठ मार्च की देर रात को पीड़ित युवती अपने हॉस्टल
जा रही थी। आरोपियों ने उसे अगवा किया और चलती कार में उसके साथ गैंगरेप
किया। इसी दिन थाना सदर की पुलिस ने तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला
दर्ज किया।
- नौ मार्च को पुलिस को आरोपियों के बारे में सूचना मिली।
धांधरा रोड से आरोपी बादल को गिरफ्तार कर लिया, बाकी दोनों आरोपी फरार हो
गए। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल कार भी बरामद कर ली।
- दस मार्च को पुलिस ने दूसरे आरोपी सन्नी को गिरफ्तार किया। बादल और आरोपी सन्नी को पुलिस ने इसी दिन जेल भेज दिया।
- 11 मार्च को पुलिस ने तीसरे आरोपी मोहन उर्फ मोनू को गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता ने तीनों की पहचान की।
- 13 से तीस मार्च तक सभी के मेडिकल और फिजीकल टेस्ट करवाए गए।
- तीन अप्रैल को पुलिस ने इस मामले के सारे सबूत इकट्ठा किए।
- 17 मई को पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया। एक सप्ताह में चार्ज फ्रेम किए।
- 11 जून को एडिशनल सेशन जज प्रिया सूद की अदालत ने तीनों को दोषी करार दे दिया।
- 12 जून को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद तीनों आरोपियों को सजा सुना दी।