जिले में शनिवार सुबह एक घंटे हुई बरसात से लुधियाना में बाढ़ जैसी स्थिति
पैदा हो गई। केवल एक घंटे में ही लगभग 55 मिलीमीटर बारिश ने जनजीवन को
अस्त-व्यस्त कर दिया।
कई जगहों पर दुकानों और घरों में बारिश का
पानी घुस गया। गलियां और सड़कें भी पानी में डूब गई और सड़कों पर लंबा जाम
लग गया। इस बारिश से नगर निगम के मानसून से निपटने के पुख्ता इंतजामों की
भी पोल खुल गई। कैलाश चौक के पास सड़क का एक टुकड़ा धंस गया जिससे वहां
आवाजाही प्रभावित हुई। निगम की टीम ने मौके पर पहुंच कर सड़क की मरम्मत का
काम शुरू किया। दोपहर बाद आसमान से बादल छंटे और धूप खिल गई।
सुबह
करीब साढ़े आठ बजे एकदम से झमाझम बारिश शुरू हो गई और लगातार एक घंटे तक
जारी रही। शहर के निचले इलाकों में लोगों के घरों में पानी घुस गया। माता
रानी चौक स्थित इलेक्ट्रोनिक्स की दुकानों में एक फुट से लेकर पांच फुट तक
पानी भर गया। बेसमेंट में बनी दुकानें पानी में डूब ही गई। इससे
कारोबारियों का लाखों का नुकसान हुआ है। पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के सचिव
महेंद्र अग्रवाल का कहना है कि सुबह व्यापारियों ने दुकानें खोली भी नहीं
थी कि बरसात होने लगी। व्यापारियों को सामान तक निकालने का मौका नहीं मिला।
हर इलाके में पानी ही पानी
बरसात
से चौड़ा बाजार, साबुन बाजार, माडल टाउन, प्रताप बाजार, ढोलेवाल चौक,
ट्रांसपोर्ट नगर, गिल रोड, गुज्जरमल रोड, किताब बाजार, जनकपुरी, हरचरण नगर,
सुंदर नगर, गुरु अर्जुन देव नगर, ताजपुर रोड और राहों रोड समेत शहर के हर
इलाके में पानी जमा हो गया। सड़कों पर तीन-तीन फुट पानी जमा था। पानी के
कारण वाहन बंद हो रहे थे, जिससे लंबा जाम लग गया था।
रीजन में जुलाई में हुई 240 एमएम बारिश
पीएयू
के स्कूल फॉर क्लाइमेट चेंज एवं एग्रीकल्चर मेटरोलॉजी के अनुसार जुलाई माह
में तीसरी बार शहर में भारी बारिश हुई है। जुलाई के 18 दिनों में आमतौर पर
232 मिलीमीटर बरसात होती है, इस बार अब तक 240 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है।
कमजोर मानसून की भविष्यवाणी को अब तक हुई बारिश ने निराधार साबित किया है।
माहिरों का कहना है कि आने वाले 24 घंटों में भी आसमान में बादल
छाए रहेंगे और बारिश होने की संभावना है। शहर में शनिवार को अधिकतम तापमान
30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया
गया।