हथियारों के बल पर लूटपाट करने वाले गैंगस्टर बलविंदर सिंह उर्फ बिल्ला
गिरोह के छह सदस्यों को थाना डिवीजन चार की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपियों
को चूहड़पुर रोड पर खाली प्लाट में लूट की योजना बनाते पकड़ा गया। पुलिस
ने आरोपियों के कब्जे से तीन देसी पिस्तौल और 12 कारतूस के साथ-साथ एक किलो
छह सौ ग्राम नशीला पाउडर भी बरामद किया है। पुलिस ने इस मामले में जगरांव
के रहने वाले बलविंदर सिंह उर्फ बिल्ला, गुरप्रीत सिंह सोनी, दीपक कुमार
उर्फ घुग्गी, तरुण सग्गड़, विक्रमजीत सिंह और विक्रमजीत सिंह उर्फ काला के
खिलाफ लूटपाट की योजना बनाने, एनडीपीस और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज
किया है। पुलिस ने आरोपियों को शनिवार अदालत में पेश किया। जहां से सभी को
दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
एडीसीपी वन जोगिंदर
सिंह ने कहा कि बिल्ला और उसके गिरोह के सदस्यों के खिलाफ हत्या, हत्या के
प्रयास, लूटपाट, गिरोहबंदी के साथ-साथ कई मामले दर्ज थे। पिछले काफी लंबे
समय से कई राज्यों की पुलिस बिल्ला की तलाश में घूम रही थी।
कठुआ में मुलाजिम को मारी थी गोली
एडीसीपी
जोगिंदर सिंह ने कहा कि आरोपियों ने बरनाला में जेल मुलाजिम पर भी गोली
चलाई थी और पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए थे। उसके बाद आरोपी लूटपाट करने
के लिए जम्मू कश्मीर चले गए। जब कठुआ में नाकाबंदी के दौरान पुलिस को पता
चला कि आरोपी लूटपाट के आरोपी हैं तो पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान उनको
रोकने की कोशिश की। आरोपियों ने पुलिस पर ही फायरिंग कर दी। जिसमें एक
मुलाजिम घायल हो गया था। इसके अलावा बिल्ला ने अपने साथियों के साथ राजपुरा
चौक और पठानकोट से कारें भी लूटी थी। जिन्हें वह काफी समय जाली नंबर लगाकर
चलाता रहा।
एडीसीपी ने कहा कि बिल्ला काफी समय तक आपराधिक
गतिविधियों में शामिल होने के कारण जेल में बंद रहा है। जेल में आरोपी
बिल्ला की कई अन्य आरोपियों के साथ मुलाकात हुई। आरोपियों ने जेल में ही
अपना गिरोह तैयार कर लिया और तय किया कि बाहर जाकर वह एक साथ काम करेंगे।
जेल से जमानत पर बाहर आते ही बिल्ला ने गिरोह बनाया और वारदातें शुरू कर
दी।