पनबस-पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन अब सरकार से आर-पार की लड़ाई के मूड में आ चुकी है। शुक्रवार को पंजाब से सभी बस डिपो पर यूनियन ने दो घंटे तक चक्काजाम किया। इस दौरान किसी बस को डिपो से बाहर नहीं जाने दिया गया और न ही कोई बस अंदर आ सकी।
यूनियन नेता शमशेर सिंह ढिल्लो ने बताया कि उनकी मांग है कि 10 हजार सरकारी बसें की जाए। सरकार के खजाने पर इसका कोई बोझ नहीं पड़ता है क्योंकि पनबस और पीआरटीसी बैंक से कर्ज लेकर बसों को डालते है। इन्हें चलाने वाले मुलाजिम अपनी मेहनत के साथ कर्ज उतारते है। इसका सरकारी खजाने से दूर का कोई संबंध नहीं है फिर भी सरकार अपनी पीठ थपथपाती है।
इस समय पंजाब रोडवेज की 2407 बसों का बेड़ा 399 तक सिमट चुका है। पंजाब की आबादी दो करोड़ तक पहुंच गई है। पंजाब सरकार फ्री सुविधा देने का लालीपाप दे रही है। इतनी बसों में क्या मुफ्त सुविधा आम लोगों को दे सकते हैं। इस मौके पर यूनियन नेता गुरविंदर सिंह, सुखविंदर सिंह, कैशियर जतिंदर सिंह, गुरजंट सिंह, रविंद सिंह सहित कई नेता मौजूद रहे।