पंजाब रोडवेज पनबस कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन द्वारा राज्य भर में अपनी मांगों को मनवाने के लिए तीन दिवसीय मुकम्मल हड़ताल शुरू करके बसों का चक्का जाम किया गया।
सोमवार को हड़ताल के पहले दिन बस स्टैंड पर कर्मचारियों ने प्रांतीय चेयरमैन कमल शर्मा तथा अध्यक्ष महमा सिंह सिद्धू के नेतृत्व में सरकार व प्रशासनिक ढांचे के खिलाफ जोरदार रोष प्रदर्शन किया। तीन दिन तक पनबस की बसें नहीं चलेंगी।
नेताओं ने कहा कि बीते 13 सितंबर को पनबस नेताओं की सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में कर्मचारियों के हक में कई अहम फैसले लिए गए थे। मगर बैठक में सरकार द्वारा मानी गई शर्तों को अभी तक लागू नहीं किया गया। कर्मचारियों को कोई राहत देने के बजाय वेतन काटकर और अपमानित किया जा रहा है।
अध्यक्ष महमा सिंह ने बताया कि हड़ताल में राज्य भर के डिपो में उनकी यूनियन के कर्मचारियों द्वारा हड़ताल कर पन बस का चक्का जाम किया गया है। उनके अनुसार 5,300 कर्मचारी हड़ताल जाने से 1,765 बसें प्रभावित हुई हैं। 12 नवंबर को पनबस ठेकेदार का चंडीगढ़ में घेराव किया जाएगा। यदि फिर भी सरकार उनकी मांगों को तुरंत लागू नहीं करेगी तो 13 नवंबर को शाहकोट में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का घेराव किया जाएगा।
इस अवसर पर डिपो अध्यक्ष हरजिंदर सिंह, सुखमंदर सिंह, तरसेम सिंह, अवतार सिंह मान, लखवीर सिंह मान, गुरमेल सिंह, चरनजीत वर्कशाप, सुरिंदर पाल सिंह, गुरमेल सिंह, सरबजीत सिंह, राजिंदर सिंह, हरभजन सिंह व कुलवंत सिंह सहित अन्य उपस्थित थे। उधर, हड़ताल के दौरान जहां प्राइवेट बसों की चांदी रही वहीं सवारियों को भीड़ होने के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ा।