लुधियाना में प्रदर्शन करते छात्र
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आत्मवल्लभ जैन कॉलेज के विद्यार्थियों ने एग्जामिनेशन फीस, शनिवार फाइन, कंडीशन फीस के विरोध में कॉलेज के बाहर रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद प्रिंसिपल मनोज अरोड़ा की दोपहर को छात्रों के साथ मीटिंग हुई जिसमें छात्रों की मांगों को मान लिया गया। इसके बाद धरना उठा लिया गया। छात्रों ने बताया कि प्रिंसिपल के साथ हुई मीटिंग में एग्जामिनेशन फीस को माफ किया गया। शनिवार फीस 25 रुपये और कंडीशन फीस को 200 रुपये कर दिया गया।
प्रदर्शन कर रहे छात्र स्माइल मोदगिल और पुनीत हरमनदीप ने बताया कि कॉलेज की ओर से बिना बताए ही बीकॉम की एग्जामिनेशन फीस 990 रुपये और बीबीए की 1650 रुपये कर दी है। इसके अलावा शनिवार फाइन हर शनिवार 50 रुपये और कंडीशन फीस 500 रुपये कर दी है। इसी कारण सभी विद्यार्थियों ने सुबह ही कॉलेज गेट के आगे रोष प्रदर्शन किया।
उन्होंने बताया कि इससे पहले कॉलेज की ओर से इस तरह की फीस और चार्ज कभी नहीं वसूले गए है। दिसंबर में जब फीस जमा करवाई गई थी तब कहा गया था कि इसके अलावा कोई भी चार्ज नहीं लिए जाएंगे। इसके बावजूद कॉलेज की ओर से नए तरीके से पैसे ऐंठे जा रहे हैं।
प्रिंसिपल मनोज अरोड़ा ने बताया कि विद्यार्थियों ने मैनेजमेंट से बिना बात किए ही कॉलेज के बाहर धरना लगा दिया। उन्होंने बताया कि जब वह कॉलेज आए, तब उन्हें पता चला। अध्यापकों को विद्यार्थियों से बात करने भेजा लेकिन विद्यार्थियों ने बात करने से साफ मना कर दिया। प्रिंसिपल ने कहा कि कॉलेज की लाज को बचाते हुए उन्हें विद्यार्थियों को मांगों को मान लिया है।
प्रिंसिपल मनोज अरोड़ा ने बताया कि वह पिछले एक साल से इस पद पर तैनात हैं। शनिवार को विद्यार्थियों को कई बार क्लास लगाने के लिए कहा गया, क्योंकि टीचर्स भी कॉलेज आते थे। विद्यार्थियों ने शनिवार को एक भी क्लास नहीं लगाई। इसके बाद इनके परिवार वालों से फोन पर पूछा गया तो परिजनों ने कहा कि बच्चे कहते हैं कि शनिवार को क्लास नहीं लगती। जुलाई से दिसंबर तक विद्यार्थियों को समझाया गया। इसके बाद नोटिस बोर्ड पर भी शनिवार के फाइन के बारे में लिखा गया।
ग्जामिनेशन फीस ली जाती है। हमारी ओर से माहौल को शांत करते हुए इसे माफ कर दिया गया। फाइनल पेपर में बैठने के लिए कंडीशन क्लियर करना जरूरी होता है। जिसके लिए 25 प्रतिशत अंक जरूरी होते हैं। कंडीशन क्लियर करने के लिए दोबारा एग्जाम करवाए जाते हैं, जिसके लिए यह फीस रखी गई थी। इसे कम कर 200 रुपये कर दिया गया है।