आरोपी पुलिस अधिकारियों को जेल भेजने की मांग को लेकर हंडियाया चौक जाम कर बैठे किसान व गांव निवासी
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हंडियाया पुलिस चौकी में नौजवान किसान बलदेव सिंह की 11 मई को पुलिस हिरासत के दौरान सल्फास की गोलियां खाने से हुई मौत के बाद पुलिस ने चौकी प्रभारी चरणजीत सिंह व मौके पर मौजूद थाना मुंशी सौदागर सिंह के खिलाफ कत्ल का मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया था।
गांव निवासियों और किसान यूनियन के नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस दोनों आरोपियों पर दर्ज हुई कत्ल की धारा तोड़ने की फिराक में थी। इससे खफा होकर गांव निवासियों और किसान यूनियन के नेताओं ने हंडियाया चौक पर चारों तरफ जाम लगा दिया। नतीजतन बरनाला से बठिंडा, मानसा, मोगा व पटियाला को जाने वाली बसें व वाहन जाम में फंस गए।
जाम के दौरान धरने को संबोधित करते किसान नेता बलौर सिंह ने कहा कि पुलिस ने नौजवान किसान बलदेव सिंह की मौत के आरोपी पुलिस अधिकारियों पुलिस चौकी प्रभारी चरणजीत सिंह व थाना मुंशी सौदागर सिंह को चार दिन से हिरासत में ले रखा है। उनको जेल नहीं भेजा जा रहा। पुलिस के उच्चाधिकारी कत्ल की धारा 302 तोड़कर सुसाइड के लिए मजबूर करने वाली धारा 306 लगाकर जुर्म घटाना चाहते हैं। किसान नेताओं व गांव निवासियों ने चेतावनी दी कि अगर धारा तोड़ी गई तो जाम अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगा।
कत्ल की धारा नहीं हटेगी : संधू
जिला पुलिस मुखी गुरप्रीत सिंह तूर ने जिला अधिकारियों से बैठक कर एसपीएच गुरप्रीत सिंह संधू को एफआईआर की कापी देकर धरने में भेजा, एसपीएच संधू ने किसानों व लोगों को एफआईआर की काफी दिखाकर भरोसा दिलाया कि आरोपी पुलिस अधिकारियों पर लगी कत्ल की धारा को 302 का तोड़ा नहीं गया।
दोनों आरोपी पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी कत्ल की धारा 302 तहत ही डाली गई है। उनको वीरवार को अदालत में पेश किया गया। जहां से अदालत ने दोनों आरोपी पुलिस अधिकारियों को 2 जून तक न्यायिक हिरासत में सब जेल बरनाला भेज दिया है।
- गुरप्रीत सिंह तूर, जिला पुलिस मुखी