इलाके में जुझार बस की तरफ से बच्चों सहित तीन लोगों को बस के नीचे देने के रोष में लोग सड़कों पर उतर आए। कई जत्थेबंदियों ने जुझार ट्रांसपोर्ट और पंजाब सरकार के खिलाफ धरना दिया और रोष मार्च निकाला।
बस स्टैंड के पास दिए धरने में लोगों ने कहा कि राज्य के रुपये की दौड़ में लोगों की जान ली जा रही है। जुझार और आर्बिट बसें रोज आम जनता को कुचल रही हैं। ऐसे माहौल में पंजाब के लोगों को एक मंच पर इकट्ठा होकर प्राइवेट बसों की मनमानी, धक्केशाही रोकने के लिए लामबंद होना पड़ेगा।
लोगों ने कहा कि आजादी के 70 वर्ष के बाद भी देश की सड़के हादसों को न्यौता दे रही हैं। विकास का नारा देने वाली केंद्र और राज्य सरकार कैसे भूल जाती है कि देश में हर सात मिनट बाद सड़क हादसे में एक कीमती जान जा रही है। धरने के बाद लोगों ने रोष मार्च निकाला।
मार्च सरकार और जुझार ट्रांसपोर्टर के खिलाफ नारेबाजी करता एसडीएम दफ्तर और फिर एसएसपी दफ्तर पहुंचा। इस मौके पर कंवलजीत खन्ना, अवतार सिंह रसुलपुर, सुखदेव सिंह भूंदड़ी और जोगिंदर आजाद हाजिर थे।