लुधियाना में प्रदर्शन करते मजदूर।
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विभिन्न फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा की मांग को लेकर शुक्रवार को टेक्सटाइल होजरी कामगार यूनियन के सदस्यों ने डीसी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया। कुछ दिन पहले ज्ञान चंद डाइंग फैक्टरी में आग लगने से मरे मजदूरों की मौत का जिम्मेदार फैक्टरी मालिक को बताया।
मजदूरों ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और कहा कि पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाया मामला रफा दफा कर दिया। उन्होंने जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। मजदूरों ने एडीसी को मांग पत्र दिया जिस पर एडीसी ने उन्हें कार्रवाई का पूरा भरोसा दिलाया।
प्रदर्शन कर रहे मजदूर नेता लखविंदर सिंह ने कहा कि छह मई की रात करीब दो बजे ज्ञान चंद फैक्टरी में आग लग गई थी। इसमें मजदूर बंटी झा, सतीश राउत और भोला की झुलसने से मौत हो गई थी। कारखाने के जिस कमरे में वे काम कर रहे थे, वहां से बाहर निकलने का केवल एक ही रास्ता था जहां भयंकर आग लगी थी। आपातकालीन स्थिति के लिए कोई रास्ता ही नहीं था। आग लगने से रोकने और बुझाने की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई थी।
लखविंदर ने कहा कि मजदूरों की मौत का कसूरवार स्पष्ट रूप से कारखाने का मालिक है जिसने मुनाफे के लालच में सुरक्षा इंतजामों की बड़ी अनदेखी की है। सुरक्षा इंतजामों और अन्य श्रम कानूनों के लागू न होने के कसूरवार श्रम विभाग के अफसर भी हैं। पुलिस ने सदमे के शिकार पीड़ित परिवारों पर दबाव डालकर मामला रफादफा करने की साजिश रची है।
मालिक पर धारा 304 के तहत कार्रवाई बनती थी, लेकिन पुलिस ने धारा 174 के तहत ही कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि इस मामले के दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए ताकि पीड़ित मजदूरों को इंसाफ मिल सके। उन्होंने कहा कि मालिक और सरकार की तरफ से पीड़ित परिवारों को बीस-बीस लाख रुपये मुआवजा मिलना चाहिए।