सोने और हीरे के आभूषणों पर लगी एक फीसदी सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी के विरोध में सोमवार को ज्वेलर्स और स्वर्णकारों की दुकानें बंद रहीं। सूबे से करीब एक हजार ज्वेलर्स ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए देशव्यापी धरने में हिस्सा लिया और सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। ज्वेलर्स ने साफ किया है कि ड्यूटी को खत्म करवाकर ही दम लिया जाएगा।
चालू वित्त वर्ष के बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आभूषणों पर एक फीसदी सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी लगा दी। इससे गुस्साए कारोबारियों ने दो मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी। सरकार के आश्वासन पर कारोबारियों ने 42 दिन बाद हड़ताल वापस ली थी। सरकार ने ज्वेलर्स की मांग को अनदेखा कर दिया। नतीजतन देश भर के ज्वेलर्स ने आंदोलन का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। इसके तहत 25 से लेकर 27 अप्रैल तक सराफा बंद का एलान किया गया है।
पंजाब ज्वेलर्स एवं स्वर्णकार फेडरेशन के महासचिव मनोज ढांडा का कहना है कि आज से दिल्ली में संसद का सत्र शुरू हुआ है। अपनी आवाज पहुंचाने के लिए देश भर के ज्वेलर्स ने जंतर मंतर पर धरना दिया। पंजाब से एक हजार से अधिक कारोबारियों ने इसमें हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि सूबे में ज्वेलर्स की सभी दुकानों को तीन दिन के लिए सील कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन को विपक्षी दलों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है।