बरनाला में मसीही भाईचारे की चेतना रैली का विरोध करते हिंदू संगठनों के नेताओं को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस
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अनाज मंडी में बुधवार को मसीही भाईचारे द्वारा एक चेतना रैली का आयोजन किया गया। ज्यों मसीही भाईचारे के नेताओं ने रैली शुरू करी तो हिंदू संगठनों ने मसीही भाईचारे की चेतना रैली का विरोध करना शुरू कर दिया।
नेता विजय मारवाडी, नीलमणि समाधिया, ललित गर्ग, रोहण कुमार व संदीप जेठी ने सैकड़ों लोगों को लेकर मसीही भाईचारे के समागम का विरोध करना शुरू कर दिया और प्रदर्शन करते हुए मसीही भाईचारे की रैली की तरफ बढ़ने लगे।
सूचना मिलते ही जिला पुलिस मुखी गुरप्रीत सिंह तूर की हिदायतों पर एसपीडी स्वर्ण सिंह खन्ना, डीएसपी पलविंदर सिंह चीमा, डीएसपी सुरिंदरपाल सिंह व जिले के समूह थाना प्रभारियों के नेतृत्व में अनाज मंडी को पुलिस छावनी में तबदील कर दिया। ज्यों ही हिंदू संगठन जबर्दस्ती मसीही भाईचारे के समागम की तरफ बढ़ने लगे तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। नीलमणि समाधिया, रोहण कुमार, विजय मारवाडी को पकड़कर हिरासत में ले लिया और गाड़ी में बैठाकर ले गए। उन्होंने आरोप लगाया कि मसीही भाईचारे के नेता चेतना रैली में धर्मपरिवर्तन करवा रहे थे।
समूह हिंदू संगठनों ने मसीही भाईचारे के समागम का जबरदस्त विरोध करते हुए नारेबाजी की और कहा कि धर्मपरिवर्तन किसी भी सूरत में सहन नही किया जाएगा। हिंदू संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन उनकी मदद कर रहा था। समूह हिंदू संगठनों ने एलान किया कि इस रोष में 7 अप्रैल को बरनाला बंद रखा जाएगा।
मसीही भाईचारे के मालवा इंचार्ज गुरबाज सिंह बाज ने कहा कि उनके राष्ट्रीय स्तर के नेताओं ने आरक्षण की मांग को लेकर चेतना रैलियों का सिलसिला शुरू किया हुआ है। उसी सिलसिले तहत आज की चेतना रैली की गई थी। उन्होंने धर्मपरिवर्तन के आरोप को निराधार बताया।