नामधारी समुदाय की गुरु माता चंद कौर की हत्या के बाद बुधवार को डायरेक्टर जरनल ऑफ पुलिस सुरेश अरोड़ा जांच के लिए पहुंचे।
उन्होंने अपनी टीम के साथ बुधवार को श्री भैणी साहिब का दौरा किया और करीब एक घंटे तक घटनास्थल और उसके आस-पास ही रहे। उन्होंने इस मामले में चश्मदीदों के साथ भी बातचीत की। हत्यारे कैसे फरार हो गए इस बारे में भी डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने सारी जानकारी हासिल की।
बुधवार को श्री भैणी साहिब पहुंचे डीजीपी ने माता चंद कौर की क्लब कार चलाने वाले सेवक करतार सिंह, उनकी सेविका और आठ वर्षीय बच्चे के साथ भी मुलाकात की। उन्होंने हत्यारों को घटना के समय देखा था। इसके बाद डीजीपी ने श्री भैणी साहिब में मौजूद सतगुरु उदय सिंह के साथ मुलाकात की। 15 से 20 मिनट तक मुलाकात करने के बाद डीजीपी ने ठाकुर उदय सिंह को भरोसा दिलाया कि पुलिस अपने उच्च स्तर पर इस हत्याकांड की जांच कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही माता चंद कौर के हत्यारों को पकड़ लिया जाएगा।
डीजीपी ने श्री भैणी साहिब में सतगुरु ठाकुर उदय सिंह के साथ बंद कमरे में मुलाकात की। इस मुलाकात के बारे में नामधारी दरबार के उप प्रधान सुरिंदर सिंह नामधारी ने कहा कि ठाकुर उदय सिंह ने अब तक हुई सारी घटनाओं की जानकारी के बारे में डीजीपी को बताया है। इतना ही नहीं उन्होंने डीजीपी को बताया है कि अब तक किसी भी मामले को पुलिस सुलझा नहीं सकी है। अब तक हत्यारों ने सारी ही हदों को पार कर गुरु माता की हत्या कर दी। ठाकुर उदय सिंह ने भी इस घिनौनी हत्या के पीछे दूसरे गुट का हाथ होने का शक जाहिर किया है।
उन्होंने पुलिस से आग्रह किया है कि मामले की पारदर्शी तरीके से जांच कर पूरे मामले की हकीकत सामने लाई जाए। नामधारी दरबार के प्रेस सचिव लखबीर सिंह बद्दोवाल ने कहा कि डीजीपी ने घटना स्थान का जायजा लिया और अलग-अलग लोगों से उस दिन हुई घटना के बारे में जानकारी हासिल की। इस दौरान डीजीपी ने गठित की गई उच्च स्तरीय जांच कमेटी को जल्द से जल्द इस मामले को सुलझाने के आदेश भी दिए।
डेरा ब्यास के प्रमुख पहुंचे श्री भैणी साहिब, सतगुरु उदय सिंह से की मुलाकात
ब्यास स्थित राधा स्वामी डेरे के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों भी बुधवार को श्री भैणी साहिब स्थित नामधारी मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने सतगुरु उदय सिंह के साथ मुलाकात की और माता चंद कौर की मौत पर दुख प्रकट किया। उन्होंने ठाकुर उदय सिंह के साथ करीब एक घंटे तक मुलाकात की और बाद में वापस डेरा ब्यास के लिए निकल गए।