पंजाब पुलिस कांस्टेबल व अन्य पदों के लिए खोली गई भर्ती सवालों के घेरे में घिरती जा रही है। सोमवार को बठिंडा में भर्ती के लिए आवेदन करने वाले युवाओं ने पुलिस अधिकारियों और पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं पुलिस अधिकारी इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।
पंजाब पुलिस की भर्ती के लिए सैकड़ों की तादाद में पहुंचे युवक और युवतियों ने बताया कि उन्होंने नियमों के अनुसार कांस्टेबल पद के लिए आनलाइन आवेदन किया था। इसके बाद विभाग की ओर से एक समाचार पत्र में विज्ञापन दिया गया था कि जिन आवेदनकर्ताओं के कागजों मेें गलती है वे 26 जुलाई तक बठिंडा में बनाए गए भर्ती से संबंधित कार्यालय में पहुंच कर ठीक करवा सकते हैं।
युवक कुलदीप सिंह ने बताया कि जब वह और उसके दूसरे साथी अपना आवेदन ठीक करवाने पहुंचे तो संबंधित कार्यालय के कर्मियों ने उनकी बात नहीं सुनीं। इसके चलते मजबूर होकर उन्हें रोष प्रदर्शन के रास्ते पर आना पड़ा।
युवक और युवतियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिन आवेदनकर्ताओं की राजनीतिक पहुंच है उनके तो संबंधी अधिकारी आवेदन पेपर तुरंत ठीक कर देते हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भर्ती से संबंधित अधिकारियों ने बिना कुछ बताए सैकड़ों उनके साथियों के आवेदन पेपर रद्द कर दिए हैं, जबकि उनके द्वारा फीस भी भरी जा चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जब वह प्रदर्शन कर रहे थे तो मौके पर डीएसपी योगेश शर्मा पहुंचे थे। वह अपने उच्च अधिकारियों के साथ बात करवाने का कहकर उन्हें साथ ले गए थे, लेकिन वहां मौजूद एसपी एच नानक सिंह के अलावा अन्य पुलिस अधिकारियों ने उन पर मामला दर्ज करने की धमकी देकर डराकर बिना कोई बात सुने वापस भेज दिया।
युवाओं ने कहा कि अगर उनकी बात न सुनीं गई तो वह अगले दिनों में बठिंडा पुलिस के उच्च अधिकारियों व पंजाब सरकार के खिलाफ धरना लगाने को मजबूर होंगे।
वहीं नोडल अफसर एसपी एच नानक सिंह से उनका पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल पर संपर्क किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।