मौसम की बेरुखी के कारण बाजार में प्याज के बाद अब आलू भी महंगाई के रंग में पूरी तरह से रंग गया है। रिटेल बाजार में आलू की कीमत तीस से चालीस रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
पंजाब में नए आलू की आपूर्ति होशियारपुर और ऊना क्षेत्रों से शुरू हो गई है, जबकि स्टोर का माल उत्तर प्रदेश से आ रहा है। सूबे के अधिकतर कोल्ड स्टोरों में आलू का स्टॉक खत्म हो गया है। मंडी में पुराने आलू का होलसेल दाम 13 से 18 रुपये प्रति किलो और नए का दाम 22 से 24 रुपये प्रति किलो के बीच है। सब्जी कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दस दिन पर नई फसल की आमद तेज होते ही कीमतों में गिरावट का रुख बन सकता है।
आलू कारोबारी गौरव अहूजा का कहना है कि पिछले साल नए आलू की कीमत एक हजार रुपये प्रति बोरी (करीब पचास किलो) थी, जबकि इस बार भाव 1400 रुपये प्रति बोरी पर शुरुआत हुई थी। मंडी में ज्यों ज्यों नए आलू की आमद बढ़ रही है, कीमतों में नर्मी का रुख आएगा। फिलहाल आमद काफी कम हो रही है।
पुराने माल का स्टॉक कम
पंजाब फ्रू ट एंड वेजिटेबल कमीशन एजेंट एसोसिएशन के महासचिव अमरवीर सिंह ने कहा है कि फसल में देरी के कारण दस से पंद्रह दिन का गैप बन गया और पुराने आलू की मांग बनी रही। पुराने माल का स्टॉक कम होने के कारण कीमतें लगातार बढ़ती चली गईं और रिटेल में आलू चालीस रुपये पर पहुंच गया।
दस दिन बाद कीमतें होंगी सामान्य : भट्टी
कंफेडरेशन ऑफ पटेटो सीड फार्मर्स के प्रधान सुखजीत सिंह भट्टी का कहना है कि बारिश के कारण यूपी, पश्चिम बंगाल, होशियारपुर और हिमाचल में फसल लेट हो गई। बिहार में फसल को नुकसान पहुंचा है। दूसरे स्टोर में आलू का स्टॉक लगातार कम होता गया। इसी कारण कीमतों में एकदम से उछाल आया। दस दिन बाद आलू की कीमतें सामान्य हो जाएंगी।