केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड और पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड पंजाब के तीन जिलों अमृतसर, लुधियाना और फतेहगढ़ साहिब में हवा की गुणवत्ता जांचने वाले बड़े प्रोजेक्ट लगाने जा रहा है। इससे हवा में प्रदूषण के तत्वों के बारे में विस्तार सहित जानकारी हासिल की जाएगी।
इस बारे में डीसी कमलदीप सिंह संघा ने वीरवार को जिला प्रशासनिक कांप्लेक्स में जिला प्रदूषण विभाग के अधिकारियों से बैठक की। उन्होंने बताया कि फतेहगढ़ साहिब में यह प्रोजेक्ट मंडी गोबिंदगढ़ के रिमट कॉलेज में लगाया जाएगा जिस पर लगभग एक करोड़ का खर्चा आएगा। डीसी ने सीवरेज बोर्ड के अधिकारियों को हिदायत दी कि मंडी गोबिंदगढ़ के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम जल्द पूरा किया जाए।
उन्होंने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के सुधारे गए पानी के सभ्य प्रयोग पर कृषि, सिंचाई, भूमि रक्षा, सीवरेज बोर्ड और नगर काउंसिल मंडी गोबिंदगढ़ के अधिकारियों को 15 दिन में मुकम्मल रिपोर्ट देने को भी कहा। इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट और ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों को कहा कि मंडी गोबिंदगढ़ में ट्रैफिक को सुचारू ढंग के साथ चलाने के लिए लगातार चेकिंग करके निर्धारित गति से अधिक स्पीड पर चलने वाले वाहनों, ओवर लोडिंग, आवाज प्रदूषण को रोकनो के लिए प्रेशर हार्न के अधिक से अधिक चालान किए जाएं।
इसके साथ ही कृषि विभाग के अधिकारियों को कहा कि पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के माहिरों की तरफ से फसल के अवशेष की संभाल के लिए नई खोज बारे किसानों को जागरूक किया जाए।
मीटिंग के दौरान नगर काउंसिल मंडी गोबिंदगढ़ के अधिकारियों ने बताया कि उनकी टीमें बिना कनोपी वाले जनरेटरों की जांच के लिए मुहिम चलाई गई थी। इस दौरान 44 दुकानों, घरों और बैंकों में बिना कनोपी वाले जनरेटरों का पता चला है। इस पर डीसी ने आदेश दिए कि इनको पहले नोटिस जारी किए जाएं और यदि फिर भी ऐसे जनरेटरों का प्रयोग हुआ तो जनरेटर सील किए जाएं। इस बैठक में प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के पर्यावरण इंजीनियर लवनीत दुबे, एसडीएम अमलोह अरविन्द गुप्ता, जिला ट्रांसपोर्ट अफसर कंवलजीत सिंह, जिला टाउन प्लानर प्रीत कमल, डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. मनजीत सिंह धालीवाल समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।