जगराओं के माता चिंतपूर्णी मंदिर के पास बनने वाली सड़क का निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही इसे लेकर श्रेय लेने की राजनीति गरमा गई है। करीब तीन महीने पहले टेंडर होने के बावजूद अब निर्माण शुरू होने जा रहा है, जिसके चलते पूर्व पार्षद अमन कपूर बोबी और मौजूदा पार्षद के बीच विवाद खड़ा हो गया है।
पूर्व पार्षद का दावा: सड़क उनके कार्यकाल में मंजूर
पूर्व पार्षद अमन कपूर बोबी ने दावा किया है कि माता चिंतपूर्णी मंदिर से आतू वाला चौक तक बनने वाली यह सड़क उनके कार्यकाल में मंजूर हुई थी और इसी दौरान इसका टेंडर भी लगाया गया था। उन्होंने बताया कि सड़क का वर्क ऑर्डर अप्रैल में ही जारी कर दिया गया था, जबकि नगर काउंसिल के चुनाव मई में हुए थे। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि मौजूदा पार्षद ने यह सड़क कब और कैसे पास करवाई। बोबी के अनुसार, नगर काउंसिल कमेटी भंग होने और चुनाव के कारण सड़क निर्माण का कार्य अटक गया था, जो अब चुनाव के बाद शुरू होने जा रहा है।
सड़क का बजट और योजना
इस सड़क के निर्माण के लिए लगभग 19 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। सड़क माता चिंतपूर्णी मंदिर से आतू वाला चौक तक बनाई जाएगी और इसमें अच्छी गुणवत्ता की इंटरलॉकिंग टाइलों का उपयोग किया जाएगा।
"टक लगाने से श्रेय साबित नहीं होता": बोबी
पूर्व पार्षद बोबी ने आरोप लगाया कि चुनाव के बाद सड़क पर 'टक' लगाकर मौजूदा पार्षद यह जताना चाह रहे हैं कि यह सड़क उनके प्रयासों से पास हुई है। उन्होंने कहा कि केवल 'टक' लगा देने से यह साबित नहीं होता कि सड़क मौजूदा पार्षद ने मंजूर करवाई है। बोबी ने मौजूदा पार्षद को चुनौती दी है कि वे दस्तावेजों के साथ साबित करें कि सड़क उनके कार्यकाल या प्रयासों से मंजूर हुई थी। उन्होंने कहा कि शहरवासी लंबे समय से इस सड़क की मांग कर रहे थे और इसका निर्माण खुशी की बात है, लेकिन विकास कार्यों का राजनीतिक श्रेय लेने के बजाय यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि सड़क कब और किसके कार्यकाल में मंजूर हुई थी।
ठेकेदार ने बताई टेंडर प्रक्रिया की स्थिति
ठेकेदार राकेश कुमार ने बताया कि सड़क का टेंडर काफी समय पहले हुआ था और अप्रैल में टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई थी। अब निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है।