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पंथक सरकार को पंथ के मुद्दे पर घेरेंगे सिख प्रचारक

Thu, 26 May 2016 09:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
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खासी कला में संत भूपिंदर सिंह की अंतिम अरदास के दौरान संत भूपिंदर सिंह के परिवार के साथ संत ढडरियां वाले - फोटो : अमर उजाला
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संत रंजीत सिंह ढडरियांवाले ने उन पर हुए हमले के दौरान मारे गए बाबा भूपिंदर सिंह ढक्की साहिब के भोग समारोह में एलान किया कि अब ढडरियांवाले का जत्था हर महीने कौम के शहीद बाबा भूपिंदर सिंह के नाम पर समागम करवाएगा। राज्य के हर शहर, कस्बे और गांव में समागम के दौरान लोगों को हमले की असली कहानी बताई जाएगी।
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साथ ही बताया जाएगा कि कैसे एक साजिशकर्ता सरेआम हमला करने के बाद उसकी जिम्मेदारी लेता रहा, लेकिन सरकारी दबाव के आगे पुलिस कुछ नहीं कर सकी। ऐसे में पंथक कहलाने वाली शिरोमणि अकाली दल सरकार की सरकार की आने वाले दिनों में पंथ मुद्दों पर मुसीबत बढ़ने के आसार हैं। 

संत ढडरियांवाले ने कहा कि यह सब कुछ तब तक जारी रहेगा जब तक इंसाफ नहीं मिल जाता और जब तक असली साजिश करने वाले मुखिया को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर लेती। वीरवार को हुए भोग समारोह में हजारों की संख्या में सिख संगत के साथ सरबत खालसा के साथ जुड़े जत्थेदार, एसजीपीसी की तरफ से सस्पेंड किए गए पांच प्यारे और कई पंथक जत्थेबंदियों के नेता मौजूद थे। 
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समारोह के दौरान संत ढडरियांवाले के तेवर सरकार के प्रति पहले से तीखे नजर आए। समागम के दौरान उन्होंने कहा कि यह हमला सच की आवाज को रोकने के लिए किया गया था, लेकिन यह आवाज रुकेगी नहीं। उन्होंने कहा कि हम इंसाफ के लिए संगत की कचहरी में जाएंगे।

संगत ही फैसला करेगी कि सिखी को नुकसान पहुंचाने वाले इन लोगों का क्या करना है। उन्होंने कहा कि समागम के जरिए सिखी का प्रचार किया जाएगा और हर महीने बाबा भूपिंदर सिंह की याद में दो दिवसीय समागम होंगे।

बिचौलिए जत्थेदारों को दूर रहने को कहा
समागम के दौरान संत ढडरियांवाले ने कहा कि साधोसाध वाले मामले में नकारे गए जत्थेदारों को हम लोग नहीं मानते। श्री अकाल तख्त के आगे सिर झुकाते हैं, लेकिन जत्थेदारों को जत्थेदार नहीं मानते। वह बिचौलिए बनकर कहते हैं कि दोनों पक्षों को बेनती है कि खूनी टकराव टालें।

उन्हें मेरी बेनती है कि हमने तो कभी डंडा नहीं मारा तो खूनी टकराव कहां से करेंगे। हमारा भाई मारने के बाद भी हम हाथ जोड़ कर बेनती कर रहे हैं। हमें खूनी पक्ष के साथ जोड़ा जा रहा है। एक पक्ष ने तो गोलियां मार कर हमारा भाई मार दिया। हमें शिक्षा दे रहे हैं कि खूनी जंग न करो।
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