पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन पंजाब की कार्यकारिणी की बैठक मंगलवार को सर्किट हाउस में हुई। इसकी अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रधान परमजीत सिंह दोआबा ने की।
इस अवसर पर सदस्यों ने अपनी दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा की और अपनी मांगों का विस्तृत ज्ञापन ऑल इंडिया पेट्रोलियम ट्रेडर्स के राष्ट्रीय सचिव सुखमिंदर पाल सिंह गरेवाल को सौंपा। गरेवाल ने भी पेट्रोल पंप मालिकों की दिक्कतों पर सहमति जताते हुए समाधान का भरोसा दिलाया।
एसोसिएशन ने पंजाब सरकार से मांग की है कि पेट्रोल पर वैट हरियाणा के बराबर किया जाए। फिलहाल हरियाणा के मुकाबले पंजाब में पेट्रोल सात रुपये प्रति लीटर महंगा है। इसके अलावा दूसरे पड़ोसी राज्यों में भी पेट्रोल के दाम काफी सस्ते हैं। नतीजतन पंजाब के पेट्रोल पंपों की बिक्री काफी कम हो गई है। एसोसिएशन का सुझाव है कि वैट कम करने से जहां लोगों को राहत मिलेगी, वहीं सरकार के राजस्व में भी इजाफा होगा और पंप भी अपने बिक्री लक्ष्यों को हासिल कर पाएंगे।
प्रधान दोआबा का कहना है कि पेट्रोल पंप लगाते समय कारोबारी वन विभाग से चैंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) और एनओसी लेते हैं। लेकिन अब वन विभाग संगरूर एवं होशियारपुर में स्थित कई पंपों को नोटिस भेज रहा है। इससे कारोबारियों में बेचैनी है।
इसके अलावा पंप मालिकों ने प्रापर्टी टैक्स से मुक्ति की भी मांग की है। उनका तर्क है कि आमदनी कम होने के कारण प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करना मुश्किल है। डीलरों ने अपना कमीशन भी पांच फीसदी तक करने की वकालत की है। इस अवसर पर महासचिव अशोक जैन समेत कई पंप मालिक मौजूद रहे।