सरकारी टेंडरों में आरक्षण की मांग को लेकर पिछले पंद्रह दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे आंदोलनकारियों को पुलिस ने बुधवार को धरना स्थल से हटा दिया। पुलिस ने इस संबंध में 29 लोगों के खिलाफ मुख्यमार्ग जाम करने के आरोप में मामला दर्ज कर उनको गिरफ्तार किया है।
बुधवार शाम जालंधर बाईपास चौक के पास पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए भारी पुलिस बल के साथ आंदोलनकारियों को हटाया।
इस संबंध में पुलिस कमिश्नर परमजीत सिंह गिल ने कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
उधर, आंदोलनकारी नेता रमनजीत लाली ने आरोप लगाया है कि पांच मिनट में चौक खाली करने की चेतावनी देकर करीब तीन मिनट में ही आंदोलन स्थल को घेर कर उनको वहां से हटा दिया गया।
जानकारी के मुताबिक आंदोलनकारियों के नेता रमनजीत लाली सहित अन्य आंदोलनकारियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। आंदोलनकारियों ने वीरवार से क्रमवार आत्मदाह करने की चेतावनी दी हुई थी।
इसी से बौखलाए प्रशासनिक अधिकारियों ने एसडीएम अजय सूद की अध्यक्षता में करीब चार बजकर 50 मिनट पर भारी पुलिस फोर्स के साथ आंदोलन स्थल को घेर लिया। इसके बाद एडीसीपी निलांबरी देवी ने धरनाकारियों के मंच पर लाउड स्पीकर से आंदोलन को गैर कानूनी घोषित कर पांच मिनट के भीतर जगह छोड़ जाने के लिए कहा। जब आंदोलनकारियों की ओर से धरना स्थल से न हटने की घोषणा की गई, तो प्रशासनिक अधिकारी उनको धरना स्थल से हटने के लिए जबरन गाड़ियों में बिठाकर थाने ले गए।
इस दौरान समर्थन में मौजूद महिलाओं को जबरन खींच कर गाड़ियों में बिठाया गया। गिरफ्तारी के दौरान महिलाओं के दुपट्टे भी इधर उधर बिखर गए।
एसीपी की निगरानी में स्थल को घेर कर आंदोलनकारियों का कीमती सामान, मोटर साइकिल और गाड़ियों को पुलिस ने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने एकत्रित किए सामान की भी सूची तैयार की है।
उधर, देर शाम आंदोलन का समर्थन कर रहे लोगों ने काराबारा चौक पर मुख्यमार्ग को जाम किया। उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। इस संबंध में पुलिस कमिश्नर परमजीत सिंह गिल का कहना है कि 20 अक्तूबर को आंदोलन कर रहे लोगों ने दो घंटे के लिए जीटी रोड जाम कर दिया था।
इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। नौ अक्तूबर से लोग जालंधर बाईपास चौक पर लगातार बैठ कर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी लोगों को थाना सलेम टाबरी में ले जाया गया है। एडीसीपी ट्रैफिक हरमोहन सिंह संधू ने कहा कि आंदोलन पर बैठे लोगों का इरादा शाम को ट्रैफिक जाम कर मार्च निकालने का था।